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Monsoon Insurance : बारिश में कार या बाइक डूब जाने पर इंश्योरेंस क्लेम कैसे लें?

बारिश या बाढ़ में कार-बाइक डूब जाने पर 100% इंश्योरेंस क्लेम पाने की पूरी प्रक्रिया। जानें रिजेक्शन से बचने के उपाय, ज़रूरी ऐड-ऑन्स और टोइंग प्रोसेस।
3 min read
Aug 02, 2026
insurance
पानी में डूबी कार/बाइक? 100% क्लेम पाएं! (AI)

मानसून के मौसम में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ के कारण गाड़ियों का पानी में डूब जाना एक आम बात है। चाहे कार हो या बाइक, पानी भरने से वाहन के इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और बॉडी वर्क को भारी नुकसान पहुँच सकता है। ऐसी स्थिति में यदि आपके पास सही इंश्योरेंस कवर है, तो आप अपने नुकसान की भरपाई करवा सकते हैं। हालांकि, क्लेम प्रक्रिया के दौरान की गई छोटी सी गलती भी आपके क्लेम को खारिज (Reject) करा सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण नियम: क्या करें और क्या न करें

बाढ़ या बारिश के पानी में वाहन फंसने पर सबसे पहली और सबसे जरूरी सलाह यह है:

इंजन शुरू करने की गलती भूलकर भी न करें (Do NOT Start the Engine)!

यदि आपकी कार या बाइक पानी में डूबी हुई है या उसमें से पानी अभी निकला ही है, तो उसे स्टार्ट करने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसा करने पर पानी इंजन के सिलेंडरों में चला जाता है, जिसे 'हाइड्रोलॉक' (Hydro-lock) कहा जाता है। बीमा कंपनियां इसे वाहन चालक की लापरवाही (Negligence) मानती हैं और स्टैंडर्ड पॉलिसी के तहत इसका क्लेम तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है।

इंश्योरेंस क्लेम की चरणबद्ध प्रक्रिया (Step-by-Step Claim Process)

यदि आपकी कार या बाइक पानी में डूब गई है, तो क्लेम प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  • बीमा कंपनी को तुरंत सूचना दें (Intimation) जैसे ही आपको पता चले कि आपकी गाड़ी पानी में डूब गई है, तुरंत अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर संपर्क करें।
  • अधिकांश कंपनियों में 24 से 48 घंटे के भीतर घटना की सूचना देना अनिवार्य होता है।
  • कंपनी को घटना का स्थान, तारीख, समय और अनुमानित नुकसान की जानकारी दें।
  • कॉल के बाद मिला 'क्लेम रेफरेंस नंबर' (Claim Reference Number) सुरक्षित रखें।

साक्ष्य (Evidence) एकत्र करें

बीमा कंपनी के सर्वेयर के आने से पहले स्थिति के स्पष्ट प्रमाण जुटाएं:

  • वाहन के चारों ओर की तस्वीरें और वीडियो लें।
  • इस बात का स्पष्ट फोटो लें कि पानी का स्तर कितना ऊपर तक चढ़ा था (उदा. डैशबोर्ड, सीट या इंजन तक)।
  • यदि आसपास जलभराव की गंभीर स्थिति है, तो सड़क का दृश्य भी रिकॉर्ड करें।
  • वाहन को टो करवाकर वर्कशॉप भेजें ।
  • कंपनी को सूचित करने के बाद रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) या इंश्योरेंस कंपनी द्वारा अधिकृत टोइंग सर्विस को कॉल करें।
  • गाड़ी को सुरक्षित रूप से खींचकर कंपनी के नेटवर्क गैराज (Cashless Garage) या किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पहुंचाएं।

सर्वेयर का निरीक्षण (Surveyor Inspection)

  • इंश्योरेंस कंपनी एक सर्वेयर (Assessor) नियुक्त करेगी जो वर्कशॉप जाकर आपकी गाड़ी का निरीक्षण करेगा।
  • र्वेयर पानी से हुए नुकसान, इंजन की स्थिति और पार्ट्स के खराबी का आकलन करेगा।
  • वह सर्विस सेंटर से मिले मरम्मत के अनुमानित बजट (Estimate Sheet) की जांच करेगा।
  • आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें सर्वेयर या बीमा कंपनी को निम्नलिखित दस्तावेज़ सबमिट करें।
  • पूरी तरह से भरा हुआ और हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म (Claim Form)
  • इंश्योरेंस पॉलिसी कॉपी
  • वाहन की आरसी (Registration Certificate)
  • चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL)
  • मरम्मत का अनुमानित बिल (Estimate Bill)
  • फोटो और वीडियो के साक्ष्यक्लेम सेटलमेंट (Cashless vs Reimbursement)
  • कैशलेस क्लेम (Cashless Claim): यदि गाड़ी नेटवर्क गैराज में है, तो बीमा कंपनी अप्रूव्ड राशि का भुगतान सीधे वर्कशॉप को कर देगी। आपको केवल अनिवार्य कटौतियां (Consumables, Depreciation आदि) देनी होंगी।
  • रीइम्बर्समेंट क्लेम (Reimbursement): यदि गाड़ी गैर-नेटवर्क गैराज में सही कराई गई है, तो पहले आपको पूरा भुगतान करना होगा। बाद में ओरिजिनल बिल सबमिट करने पर कंपनी आपके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी।
  • बाढ़ के नुकसान में कौन-कौन से कवर (Add-ons) मदद करते हैं? एक साधारण 'कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी' (Comprehensive Policy) पानी से बॉडी को हुए नुकसान को तो कवर करती है, लेकिन इंजन और आंतरिक स्पेयर पार्ट्स के भारी खर्चों के लिए आपको कुछ ऐड-ऑन कवर्स (Add-on Covers) की आवश्यकता होती है:
  • इंजन प्रोटेक्टर (Engine Protection): यह बाढ़ के दौरान सबसे महत्वपूर्ण ऐड-ऑन है। यदि पानी में जाने से इंजन का गियरबॉक्स या पिस्टन खराब हो जाता है, तो यह कवर लाखों का खर्च बचा लेता है।
  • कंज्यूमेबल्स कवर (Consumable Cover): पानी भरने पर आपकी कार/बाइक के सभी फ्लूइड्स (इंजन ऑयल, ब्रेक ऑयल, ग्रीस आदि) बदलने पड़ते हैं। आम पॉलिसी में यह कवर नहीं होता, लेकिन इस ऐड-ऑन से इसका क्लेम मिल जाता है।
  • जीरो डेप्रिसिएशन (Zero Dep): प्लास्टिक और रबर के पार्ट्स पर समय के साथ लगने वाली घिसावट (Depreciation) का पैसा कंपनी नहीं काटती और आपको पूरा क्लेम मिलता है।

किन परिस्थितियों में क्लेम खारिज (Reject) हो सकता है?

बीमा कंपनियां निम्नलिखित स्थितियों में क्लेम देने से इंकार कर सकती हैं:

  • हाइड्रोलॉक (पानी में गाड़ी स्टार्ट करना): यदि आपने डूबी हुई गाड़ी को स्टार्ट करने की कोशिश की और इंजन सीज हो गया।
  • देर से सूचना देना: दुर्घटना या जलभराव के कई दिनों बाद कंपनी को बताना (बिना किसी ठोस कारण के)।
  • बिना सर्वेयर मरम्मत कराना: सर्वेयर के बिना निरीक्षण किए खुद ही सर्विस सेंटर से काम शुरू करवा देना।
  • थर्ड-पार्टी ओनली पॉलिसी: यदि आपके पास सिर्फ 'थर्ड पार्टी इंश्योरेंस' (Third Party Insurance) है, तो आपकी अपनी गाड़ी के नुकसान की भरपाई नहीं होगी। इसके लिए 'ओन डैमेज' (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी अनिवार्य है।
Updated on:
02 Aug 2026 01:34 pm
Published on:
02 Aug 2026 01:21 pm