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EPFO Claim: सदस्य की मौत के बाद कैसे निकालें PF के पैसे? आसान चरणों में समझें पेंशन और बीमा का पूरा पैसा निकालने की प्रक्रिया

EPFO सदस्य की मौत के बाद उसके खाते से पूरा पैसा निकालना अब बेहद आसान हो गया है। कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिजन EPFO की गाइडलाइन के मुताबिक, सरल प्रक्रिया का पालन करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। EPFO का पैसा निकालने की पूरी प्रक्रिया आसान चरणओं में समझने के लिए पूरी खबर पढ़िए।
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Jul 28, 2026
EPFO money claim process
कर्मचारी की मौत के बाद PF क्लैम की प्रक्रिया (सांकेतिक इमेज- AI)

EPFO Money Claim: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के किसी सदस्य की असमय मृत्यु होने पर उसके परिजनों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि PF खाते में जमा पैसा कैसे निकाला जाए? EPFO के नियमों के अनुसार, जमा हुई राशि मृतक के पंजीकृत नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को दी जाती है। हाल ही में लागू EPF नियमों के तहत इस प्रक्रिया को अब पहले से अधिक सरल और तेज कर दिया गया है।

अब EPFO खाते में जमा पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। इसके लिए EPFO द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन करना होगा। जमा पैसा निकालने के लिए E- नॉमिनेशन पहले से दर्ज होने पर यह प्रक्रिया काफी सरल और तेज हो जाती है, जबकि नॉमिनी नहीं होने की स्थिति में मृतक के परिवार को थोड़ी लंबी और ऑफलाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

EPFO सदस्य की मौत के बाद मिलने वाले लाभ

EPFO सदस्य की मौत के बाद मृतक के परिवार को कुल 3 तरह के वित्तीय लाभ मिलते हैं, जिनके लिए एक ही 'कंपोजिट क्लेम फॉर्म (डेथ केस)' भरा जाता है। परिजनों को मिलने वाले लाभ और उसे क्लैम करने की प्रक्रिया आसान चरणों में समझें-

PF फंड के लिए फॉर्म- 20 : सदस्य के खाते में जमा कुल PF राशि निकालने के लिए यह फॉर्म भरा जाता है।

कर्मचारी पेंशन के लिए फॉर्म-10D : यदि सदस्य ने कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर ली थी, तो उनके पति/पत्नी और बच्चों को हर महीने पारिवारिक पेंशन मिलती है। 10 साल से कम सेवा होने पर मासिक पेंशन नहीं, बल्कि EPS का एकमुश्त निकासी लाभ (Withdrawal Benefit) मिलता है। कर्मचारी की सेवाकाल के अनुसार, इस फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरें।

EDLI बीमा के लिए फॉर्म 5IF : नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को कम से कम ₹2.5 लाख से अधिकतम ₹7 लाख तक का मुफ्त बीमा लाभ मिलता है। यह राशि मृतक के अंतिम 12 महीनों के औसत मासिक वेतन का 30 गुना, इसके साथ ही औसत वेतन का 50% अतिरिक्त बोनस जोड़कर तय की जाती है। यह राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

EPFO पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम की प्रक्रिया

यदि मृतक सदस्य ने अपने अकाउंट में पहले से E-Nomination दर्ज किया हुआ था, तो नॉमिनी ऑनलाइन क्लेम कर सकता है। UAN जनरेशन और एक्टिवेशन जैसी कुछ सेवाएं अब UMANG ऐप पर शिफ्ट हो चुकी हैं, लेकिन डेथ क्लेम की सुविधा अभी भी सिर्फ EPFO के आधिकारिक 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' पर ही उपलब्ध है। डेथ क्लेम की सुविधा UMANG ऐप पर उपलब्ध नहीं है।

पैसा निकालने की पूरी प्रक्रिया

  • EPFO के डेथ क्लेम पोर्टल पर जाकर मृतक का UAN नंबर, लाभार्थी (नॉमिनी) का नाम, आधार नंबर, जन्मतिथि और कैप्चा दर्ज करें।
  • Get Authorisation PIN पर क्लिक करें। पहला OTP नॉमिनी के नहीं, बल्कि मृतक के UAN खाते से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आता है, जिसे वेरिफाई करना होता है।
  • OTP वेरिफाई करने के बाद डेथ क्लेम का विकल्प चुनकर मृत्यु की तारीख भरें और मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करें।
  • फॉर्म भरते समय मृत्यु प्रमाण पत्र, नॉमिनी का आधार कार्ड, बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक स्कैन करके PDF फॉर्मेट में अपलोड करें। EPFO के नियम के अनुसार, हर फाइल का साइज 2MB से ज्यादा नहीं होना चाहिए और फाइल के नाम में स्पेस नहीं होना चाहिए।
  • सभी दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें। फाइनल सबमिट करने से पहले एक और OTP आता है, जो इस बार लाभार्थी (नॉमिनी) के आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।
  • नॉमिनी के मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP भरें और सबमिट करें।

नॉमिनी दर्ज नहीं होने पर क्या करें?

  • अगर मृतक ने पहले से किसी को नॉमिनी नहीं बनाया था तो पति/पत्नी, बच्चे या कानूनी वारिस ऑफलाइन दावा कर सकते हैं। इसके लिए क्षेत्रीय PF कार्यालय से कंपोजिट क्लेम फॉर्म (नॉन-आधार) डाउनलोड करके भरना होता है। फिलहाल फॉर्म 20 ज्यादातर मामलों में ऑफलाइन ही प्रोसेस होता है। इसे मृतक के अंतिम नियोक्ता यानी कंपनी से सत्यापित व हस्ताक्षरित कराना जरूरी होता है।
  • बिना नॉमिनी वाले मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज के तौर पर 'उत्तराधिकार प्रमाण पत्र (सक्सेशन सर्टिफिकेट)' या 'कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र' भी लगाना पड़ता है। यदि पिछले नियोक्ता के रिकॉर्ड में सेवा-विवरण (जैसे एग्जिट डेट) अधूरे हों तो दावा अटक सकता है। ऐसी स्थिति में नियोक्ता से डिजिटल हस्ताक्षर से रिकॉर्ड अपडेट कराना होता है या EPFiGMS पोर्टल पर वेतन पर्ची एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ शिकायत दर्ज करानी होती है।
  • सभी दस्तावेज जमा करने के बाद पीएफ राशि सत्यापन के बाद सीधे नॉमिनी या कानूनी वारिस के बैंक खाते में भेज दी जाती है। पेंशन के मामलों में हर महीने खाते में पैसा क्रेडिट होता रहता है, जबकि EDLI बीमा राशि एकमुश्त दी जाती है।
  • सभी दस्तावेज क्षेत्रीय PF कार्यालय में जमा करने के बाद 20 से 30 दिनों के भीतर पैसा सीधे बैंक खाते में आ जाता है।

ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

  • पेंशन का दावा स्वाभाविक रूप से पहले पति/पत्नी और बच्चों को मिलता है। माता-पिता, तभी दावा कर सकते हैं जब कोई जीवित पति/पत्नी या बच्चे मौजूद न हों।
  • PF राशि और EDLI बीमा उसी व्यक्ति को मिलते हैं, जिसे सदस्य ने फॉर्म-2 में नॉमिनेट किया हो।
  • EPFO सदस्य चाहे तो माता-पिता को भी नॉमिनी बना सकता है। इसलिए सेवा के दौरान ही e-नॉमिनेशन अपडेट रखना बेहद जरूरी है, ताकि परिवार को बाद में लंबी कानूनी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
Updated on:
28 Jul 2026 08:15 pm
Published on:
28 Jul 2026 07:55 pm