
EPFO Money Claim: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के किसी सदस्य की असमय मृत्यु होने पर उसके परिजनों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि PF खाते में जमा पैसा कैसे निकाला जाए? EPFO के नियमों के अनुसार, जमा हुई राशि मृतक के पंजीकृत नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को दी जाती है। हाल ही में लागू EPF नियमों के तहत इस प्रक्रिया को अब पहले से अधिक सरल और तेज कर दिया गया है।
अब EPFO खाते में जमा पैसा आसानी से निकाला जा सकता है। इसके लिए EPFO द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन करना होगा। जमा पैसा निकालने के लिए E- नॉमिनेशन पहले से दर्ज होने पर यह प्रक्रिया काफी सरल और तेज हो जाती है, जबकि नॉमिनी नहीं होने की स्थिति में मृतक के परिवार को थोड़ी लंबी और ऑफलाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
EPFO सदस्य की मौत के बाद मृतक के परिवार को कुल 3 तरह के वित्तीय लाभ मिलते हैं, जिनके लिए एक ही 'कंपोजिट क्लेम फॉर्म (डेथ केस)' भरा जाता है। परिजनों को मिलने वाले लाभ और उसे क्लैम करने की प्रक्रिया आसान चरणों में समझें-
PF फंड के लिए फॉर्म- 20 : सदस्य के खाते में जमा कुल PF राशि निकालने के लिए यह फॉर्म भरा जाता है।
कर्मचारी पेंशन के लिए फॉर्म-10D : यदि सदस्य ने कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर ली थी, तो उनके पति/पत्नी और बच्चों को हर महीने पारिवारिक पेंशन मिलती है। 10 साल से कम सेवा होने पर मासिक पेंशन नहीं, बल्कि EPS का एकमुश्त निकासी लाभ (Withdrawal Benefit) मिलता है। कर्मचारी की सेवाकाल के अनुसार, इस फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरें।
EDLI बीमा के लिए फॉर्म 5IF : नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को कम से कम ₹2.5 लाख से अधिकतम ₹7 लाख तक का मुफ्त बीमा लाभ मिलता है। यह राशि मृतक के अंतिम 12 महीनों के औसत मासिक वेतन का 30 गुना, इसके साथ ही औसत वेतन का 50% अतिरिक्त बोनस जोड़कर तय की जाती है। यह राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
यदि मृतक सदस्य ने अपने अकाउंट में पहले से E-Nomination दर्ज किया हुआ था, तो नॉमिनी ऑनलाइन क्लेम कर सकता है। UAN जनरेशन और एक्टिवेशन जैसी कुछ सेवाएं अब UMANG ऐप पर शिफ्ट हो चुकी हैं, लेकिन डेथ क्लेम की सुविधा अभी भी सिर्फ EPFO के आधिकारिक 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' पर ही उपलब्ध है। डेथ क्लेम की सुविधा UMANG ऐप पर उपलब्ध नहीं है।