
Insta से PM का वीडियो हटा (AI)
Meta vs Indian Government : भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सोशल मीडिया दिग्गज Meta के ग्लोबल अफेयर्स प्रेसिडेंट जोएल कापलान (Joel Kaplan) और Instagram के प्रमुख एडम मोसेरी (Adam Mosseri) को समन जारी कर तलब किया है।यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक आधिकारिक वीडियो को इंस्टाग्राम द्वारा हटा दिया गया था और प्लेटफॉर्म पर AI-जनरेटेड भ्रामक सामग्री (Deepfakes) के प्रसार को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। यह पूरा मामला भारत के IT Rules 2021 के अनुपालन, बिग-टेक (Big Tech) कंपनियों की जवाबदेही और इंटरनेट सुरक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है। आइए समझें कि सरकार ने यह कदम क्यों उठाया, इसके पीछे मुख्य वजहें क्या हैं और डिजिटल दुनिया पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
पीएम के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किए गए एक वीडियो को इंस्टाग्राम के ऑटोमेटेड सिस्टम या मॉडरेशन टीम द्वारा 'नियमों के उल्लंघन' का हवाला देकर हटा या प्रतिबंधित कर दिया गया।
Meta की सफाई: मामला सामने आते ही Meta ने इसे एक तकनीकी गड़बड़ी (Technical Glitch) करार दिया और वीडियो को रीस्टोर (पुनर्बहाल) कर दिया।
सरकार का रुख: भारत सरकार ने इसे सिर्फ एक 'तकनीकी भूल' मानने से इनकार कर दिया। सरकार का मानना है कि यदि किसी देश के प्रधानमंत्री की आधिकारिक पोस्ट के साथ ऐसी लापरवाही हो सकती है, तो आम नागरिकों के कंटेंट मॉडरेशन की स्थिति और भी चिंताजनक होगी।
मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक वीडियो हटाए जाने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल रहे कृत्रिम रूप ( Artificial mode) से बनाए गए कंटेंट (Synthetically Generated Content) पर नकेल कसना है।
सरकार का कहना है कि Meta बार-बार इन IT नियमों की अनदेखी कर रहा है और भारत जैसे बड़े बाजार में भारतीय कानूनों के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
आमतौर पर भारत में सरकारी एजेंसियों और बिग-टेक कंपनियों के बीच बातचीत के लिए कंपनियों की लोकल (भारतीय) पॉलिसी टीम जिम्मेदार होती है। लेकिन इस बार सरकार ने सीधे अमेरिका स्थित ग्लोबल लीडरशिप को समन भेजा।
वजह: आईटी मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत में काम कर रही Meta की स्थानीय टीम तकनीकी कमियों और कानूनी अनुपालन से जुड़ी शिकायतों की गंभीरता को समझ नहीं पा रही थी।
लीडरशिप की सीधी जवाबदेही: स्थानीय अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण सरकार ने सीधे एडम मोसेरी (Instagram Chief) और जोएल कापलान (Meta Global Affairs Head) को तलब किया, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि भारत अपने आईटी कानूनों के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
सरकार द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम के कई दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं:
केंद्र सरकार द्वारा मेटा और इंस्टाग्राम के ग्लोबल चीफ्स को समन भेजना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत अपने डिजिटल स्पेस और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर समझौता नहीं करेगा। AI के इस दौर में जहां एक ओर तकनीक का विकास हो रहा है, वहीं दूसरी ओर डीपफेक और फेक न्यूज लोकतंत्र और जन-सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। यह मामला सिर्फ एक वीडियो के ब्लॉक होने का नहीं, बल्कि यह तय करने का है कि वैश्विक टेक कंपनियां भारत में अपने संचालन के दौरान भारतीय संविधान और IT नियमों के प्रति कितनी जवाबदेह हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि Meta की ग्लोबल लीडरशिप सरकार के इन सवालों का क्या जवाब देती है और अपने सिस्टम में क्या बड़े बदलाव लाती है।
Updated on:
28 Jul 2026 06:06 pm
Published on:
28 Jul 2026 06:06 pm
