
कल्पना कीजिए कि आपने ATM से पैसे निकाले और कुछ देर बाद पता चला कि उनमें से एक नोट नकली है। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं। कई लोग यह भी मान लेते हैं कि अब उनका पैसा डूब गया, क्योंकि यह साबित करना मुश्किल होगा कि नोट ATM से ही निकला था। लेकिन सच यह है कि ऐसे मामलों में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के लिए स्पष्ट नियम बनाए हैं और ग्राहकों के पास शिकायत करने का अधिकार भी है।
हालांकि, ऐसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना होता है कि नकली नोट वास्तव में ATM से ही मिला था। इसलिए सही समय पर सही कदम उठाना बेहद जरूरी है।
अगर आपको शक है कि ATM से निकला नोट नकली है, तो सबसे पहले उसे किसी और को देने या बाजार में चलाने की कोशिश न करें। नकली नोट का जानबूझकर इस्तेमाल करना कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है।
इसके बाद ATM की रसीद, बैंक से आया SMS और ट्रांजैक्शन का समय सुरक्षित रखें। यदि संभव हो तो नोट की फोटो भी ले लें। ये सभी चीजें बाद में शिकायत के दौरान सबूत के तौर पर काम आ सकती हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नोट मिलने के तुरंत बाद संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करना चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत होगी, मामले की जांच उतनी ही आसान होगी।
RBI के निर्देशों के अनुसार बैंक ATM में नकदी भरने से पहले नोटों की मशीनों से जांच कराने के लिए बाध्य हैं। ₹100 और उससे अधिक मूल्य के नोटों को मशीन-प्रोसेसिंग और सत्यापन के बिना दोबारा प्रचलन में नहीं लाया जा सकता। एक ही ट्रांजैक्शन में चार से ज्यादा नकली नोट मिलते हैं, तो RBI के सर्कुलर के मुताबिक बैंक को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी होती है। यह सिंगल-नोट वाले ATM केस पर लागू नहीं होता।
RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि ATM में नकली नोट पहुंचने से रोकने के लिए बैंकों को पर्याप्त सुरक्षा और जांच व्यवस्था रखनी होगी। यदि ATM से नकली नोट निकलता है तो इसे बैंक की गंभीर चूक माना जा सकता है। RBI के दस्तावेजों में कहा गया है कि ATM के जरिए नकली नोट का वितरण बैंक द्वारा नकली नोटों के प्रसार के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। यानी नियमों के अनुसार ATM में केवल मशीन से जांचे गए और प्रमाणित नोट ही डाले जाने चाहिए।
ATM में डाले जाने वाले नोटों की गुणवत्ता और उनकी असलियत सुनिश्चित करना बैंक की जिम्मेदारी है। RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे नोट सॉर्टिंग मशीनों का उपयोग करें और केवल मशीन से जांचे गए नोट ही ATM में डालें।
इसके अलावा प्रत्येक बैंक को नकली नोट से जुड़े मामलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और निगरानी तंत्र बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
यदि जांच में यह पाया जाता है कि बैंक की लापरवाही के कारण नकली नोट ATM तक पहुंचा, तो RBI बैंक के खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है। कई मामलों में बैंकों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।
यदि आपको ATM से नकली नोट मिला है तो शिकायत की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से अपनानी चाहिए।
सबसे पहले संबंधित बैंक की शाखा में लिखित शिकायत दें। शिकायत में ट्रांजैक्शन की तारीख, समय, ATM का स्थान, निकाली गई राशि और नोट का मूल्य अवश्य लिखें। शिकायत की एक कॉपी अपने पास रखें और बैंक से प्राप्ति रसीद या शिकायत नंबर जरूर लें।
यदि शाखा स्तर पर समाधान नहीं मिलता है, तो बैंक के ग्राहक सेवा विभाग या ग्रिवांस रिड्रेसल सेल में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अधिकांश बैंक अपनी वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल और नोडल अधिकारी की जानकारी उपलब्ध कराते हैं।
यदि बैंक 30 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देता या शिकायत खारिज कर देता है, तो ग्राहक RBI की इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम के तहत शिकायत दर्ज कर सकता है। यह व्यवस्था ग्राहकों और बैंकों के बीच विवादों के समाधान के लिए बनाई गई है।
यही वह सवाल है जो हर ग्राहक के मन में सबसे पहले आता है। दरअसल, कोई ऐसा सार्वभौमिक RBI नियम नहीं है जो यह कहता हो कि ATM से नकली नोट मिलने पर हर स्थिति में ग्राहक को तुरंत पैसा वापस मिलेगा। मामला उपलब्ध सबूतों और जांच पर निर्भर करता है।
यदि ग्राहक यह साबित कर देता है कि नोट ATM से ही निकला था और बैंक की जांच में भी इसकी पुष्टि हो जाती है, तो बैंक राहत दे सकता है। कई मामलों में उपभोक्ता मंचों और शिकायत निवारण संस्थाओं ने बैंक की लापरवाही साबित होने पर ग्राहकों के पक्ष में निर्णय दिए हैं। हालांकि, यदि ग्राहक के पास रसीद, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड या अन्य सबूत नहीं हैं, तो दावा साबित करना कठिन हो सकता है।
यह एक आम गलतफहमी है कि बैंक हर नकली नोट के बदले नया नोट दे देता है। वास्तव में RBI के नियमों के अनुसार नकली नोट जब्त कर लिया जाता है और उसकी रिपोर्टिंग की जाती है। सामान्य परिस्थितियों में नकली नोट के बदले ग्राहक को सीधे नया नोट नहीं दिया जाता।
इसलिए ATM से नकली नोट मिलने की स्थिति में पूरा मामला इस बात पर निर्भर करता है कि जांच में बैंक की जिम्मेदारी कितनी साबित होती है।
ATM से नकदी निकालने के बाद नोटों को एक बार ध्यान से देख लेना चाहिए। यदि कोई नोट संदिग्ध लगे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। ATM की रसीद हमेशा संभालकर रखें। आजकल कई लोग रसीद नहीं लेते, लेकिन विवाद की स्थिति में यही सबसे महत्वपूर्ण सबूत बन सकती है।
यदि ATM बूथ में सुरक्षा कैमरे लगे हैं तो शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन का सटीक समय बताना जांच में मदद कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नकली नोट मिलने पर उसे किसी दुकान या दूसरे व्यक्ति को देकर छुटकारा पाने की कोशिश न करें। इससे आप स्वयं कानूनी मुश्किल में पड़ सकते हैं।