
सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा तय होती है। हालांकि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को अवसर देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कुछ श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट (Age Relaxation) प्रदान करती हैं। यह छूट भर्ती नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित विज्ञापन को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
आयु सीमा में छूट का मतलब है कि यदि किसी भर्ती में अधिकतम आयु 30 वर्ष तय है, तो पात्र आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार निर्धारित अतिरिक्त वर्षों की छूट का लाभ लेकर आवेदन कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, OBC उम्मीदवार को 3 वर्ष की छूट मिलने पर वह 33 वर्ष तक आवेदन कर सकता है।
केंद्र सरकार की अधिकांश भर्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC - Non Creamy Layer) के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाती है।
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उम्मीदवारों को सामान्यतः 5 वर्ष की आयु छूट मिलती है। यह केंद्र सरकार की अधिकांश सीधी भर्तियों जैसे SSC, RRB, IBPS, UPSC में एक समान लागू होती है।
अपवाद ध्यान रखें: NDA, CDS जैसी रक्षा (डिफेंस) परीक्षाओं में यह सामान्य आयु छूट लागू नहीं होती, क्योंकि वहां आयु सीमा रक्षा सेवा से जुड़े अलग विशेष नियमों के अनुसार तय होती है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण का लाभ तो मिलता है, लेकिन केंद्र सरकार की अधिकांश भर्तियों में अलग से आयु सीमा में छूट नहीं दी जाती। EWS आरक्षण सिर्फ पदों में (आमतौर पर 10%) आरक्षण देता है। आयु सीमा में उन्हें सामान्य वर्ग के बराबर ही माना जाता है, जब तक भर्ती नियमों में अलग प्रावधान न हो।
बेंचमार्क दिव्यांगता (PwBD) वाले उम्मीदवारों को केंद्र सरकार की नौकरियों में सामान्यतः 10 वर्ष तक की आयु छूट मिलती है।
यदि उम्मीदवार आरक्षित वर्ग से भी संबंधित है, तो छूट और बढ़ सकती है:
यह छूट तभी मिलती है जब संबंधित पद दिव्यांगों के लिए उपयुक्त (identified suitable) घोषित किया गया हो।
दिव्यांगता कम से कम 40% होनी चाहिए। इसके लिए सरकारी मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी निर्धारित प्रारूप में वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र आवश्यक है।
दो छूटों (जैसे PwBD + OBC) को हमेशा अपने-आप जोड़ा नहीं जा सकता। यह तभी संभव है जब भर्ती अधिसूचना में इसकी स्पष्ट अनुमति दी गई हो। आवेदन फॉर्म में सामान्यतः वही छूट चुननी होती है जो सबसे ज्यादा वर्ष देती हो, जब तक नियम अलग न कहें।
भूतपूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) को कितनी छूट मिलती है?
भूतपूर्व सैनिकों के लिए छूट की गणना थोड़ी अलग तरीके से होती है: उनकी सेवा अवधि को अधिकतम आयु सीमा से घटाया जाता है, और उसके बाद अतिरिक्त 3 वर्ष की छूट दी जाती है (न्यूनतम शेष सेवा अवधि की शर्त भी लागू हो सकती है)। यह मुख्यतः ग्रुप C और ग्रुप D पदों के लिए लागू होती है, अधिसूचना में दी गई अधिकतम आयु सीमा के अधीन।
केंद्र सरकार की भर्तियों में आयु छूट के नियम सामान्यतः एक जैसे होते हैं। लेकिन राज्य सरकारें अपनी भर्तियों के लिए अलग नियम बना सकती हैं। कई राज्यों में अधिकतम आयु सीमा या आयु छूट केंद्र सरकार से अलग हो सकती है। इसलिए राज्य स्तरीय भर्ती के लिए संबंधित विज्ञापन देखना जरूरी है।
हर भर्ती में एक कट-ऑफ डेट तय होती है। उम्मीदवार की आयु उसी तारीख के आधार पर गणना की जाती है। यदि कट-ऑफ तिथि तक उम्मीदवार निर्धारित आयु सीमा और छूट की शर्तों को पूरा करता है, तो वह आवेदन कर सकता है।
कुछ परीक्षाओं में खासकर UPSC सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में श्रेणी के अनुसार आवेदन के अधिकतम प्रयासों की भी अलग सीमा होती है (जैसे सामान्य वर्ग के लिए सीमित प्रयास, जबकि SC/ST उम्मीदवारों को आयु सीमा तक असीमित प्रयासों की छूट मिल सकती है)। यह नियम हर भर्ती संस्था और परीक्षा के अनुसार अलग होता है, इसलिए अधिसूचना जरूर जांचें।
आयु छूट का दावा करने वाले उम्मीदवारों को संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है।
नोट - आयु सीमा में छूट भर्ती एजेंसी और पद के अनुसार बदल सकती है। UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, राज्य लोक सेवा आयोग और अन्य भर्ती संस्थाओं के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। साथ ही NDA/CDS जैसी रक्षा परीक्षाओं में सामान्य SC/ST आयु छूट लागू नहीं होती। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ें।