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सरकार की करोड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा? किस राज्य में सबसे ज्यादा अतिक्रमण और कितना नुकसान

Government Land Encroachment India : भारत में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की ताज़ा रिपोर्ट: जानें रेलवे, रक्षा और वन विभाग की कितने हज़ार एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा है और कौन सा राज्य सबसे आगे है।
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Aug 05, 2026
railway land encroachment data 2026
government land encroachment India : देश मे किस विभाग की सबसे ज्यादा जमीन पर अतिक्रमण, PC- AI

भारत सरकार और राज्य सरकारों के पास देश की सबसे बड़ी भूमि संपत्तियों में से एक है। रेलवे, रक्षा मंत्रालय, वन विभाग, सार्वजनिक उपक्रम और राज्य सरकारों के पास करोड़ों एकड़ जमीन है। लेकिन, इस विशाल भूमि का एक हिस्सा वर्षों से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। कहीं झुग्गियां बस गईं, कहीं अवैध कॉलोनियां बन गईं, तो कहीं जमीन माफिया ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया।

भारत में सरकार के पास कितनी जमीन है?

सरकारी जमीन का कोई एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस नहीं है, लेकिन प्रमुख विभागों के पास बड़ी मात्रा में भूमि है:

  • वन क्षेत्र: लगभग 7 करोड़ हेक्टेयर से अधिक
  • रेलवे: लगभग 4.99 लाख हेक्टेयर भूमि
  • रक्षा मंत्रालय: करीब 18 लाख एकड़ भूमि
  • राज्य सरकारों के पास अलग-अलग श्रेणियों की लाखों एकड़ भूमि

इसी वजह से अतिक्रमण का मुद्दा प्रशासन और न्यायालयों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

रक्षा मंत्रालय की जमीन पर कितना कब्जा?

लोकसभा में 9 अगस्त 2024 को दिए गए सबसे ताजा जवाब के अनुसार, देशभर में रक्षा मंत्रालय की लगभग 10,354 एकड़ जमीन अतिक्रमण की चपेट में है। कुल रक्षा भूमि लगभग 18 लाख एकड़ है। यानी अतिक्रमण कुल भूमि के करीब 0.6% हिस्से पर है।

🏆 रैंकराज्यअतिक्रमित रक्षा भूमि (एकड़)
🥇 1उत्तर प्रदेश1,778.92
🥈 2मध्य प्रदेश1,757.98
🥉 3महाराष्ट्र1,031.02
4️⃣पश्चिम बंगाल816.05
5️⃣हरियाणा780.01
6️⃣बिहार529.55
7️⃣राजस्थान478.13

इस सूची से साफ है कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश लगभग बराबरी पर हैं। UP थोड़ा आगे है (1,778.92 एकड़), लेकिन फासला बहुत मामूली है, MP उससे सिर्फ करीब 21 एकड़ पीछे है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा भी टॉप-5 में शामिल हैं।

रेलवे की जमीन पर कितना कब्जा?

रेलवे के पास लगभग 4.99 लाख हेक्टेयर भूमि है। रेल मंत्री ने 27 मार्च 2026 को राज्यसभा में बताया कि इसमें से करीब 1,068 हेक्टेयर रेलवे भूमि (0.21%) अतिक्रमण के दायरे में है।

यह समस्या लगातार बढ़ रही है, घट नहीं रही

🚆 वर्षअतिक्रमित भूमि (हेक्टेयर)
2020-21810.31
2023-241,078.55
2024-251,068.54

यानी पांच साल में अतिक्रमण करीब 32% बढ़ा है, जबकि इसी अवधि में सिर्फ 98.02 हेक्टेयर भूमि ही वापस ली जा सकी। यानी अतिक्रमण होने की रफ्तार, जमीन वापस लेने की रफ्तार से कहीं ज़्यादा है।

रेलवे राज्यवार आंकड़े जारी नहीं करता, लेकिन ज़ोनवार डेटा रखता है। सबसे ज़्यादा अतिक्रमण मेट्रो और बड़े शहरों में स्टेशनों के आसपास, झुग्गियों के रूप में पाया जाता है, और उत्तरी रेलवे ज़ोन (हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली) में सबसे ज़्यादा दर्ज हुआ है।

वन विभाग की जमीन पर कितना अतिक्रमण।

वन भूमि पर सबसे ज्यादा कब्जा कहां?

वन भूमि पर अतिक्रमण सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 तक 13,056 वर्ग किलोमीटर (13,05,668.1 हेक्टेयर) वन भूमि अतिक्रमण की चपेट में पाई गई।

सबसे ज्यादा वन अतिक्रमण वाले राज्य

🏆 रैंकराज्यअतिक्रमित वन भूमि (वर्ग किमी)
🥇 1मध्य प्रदेश5,460.9
🥈 2असम3,620.9
🥉 3कर्नाटक863.08
4️⃣महाराष्ट्र575.54
5️⃣अरुणाचल प्रदेश534.9

यानी वन भूमि पर कब्जे के मामले में मध्य प्रदेश देश में सबसे ऊपर है, और असम दूसरे नंबर पर है।

ज़रूरी बात: यह आंकड़ा सिर्फ 25 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों का है, जिन्होंने अपना डेटा मंत्रालय को भेजा है। 10 राज्य — बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख — ने अभी तक अपना डेटा जमा ही नहीं किया है। यानी देश भर का असली आंकड़ा 13,056 वर्ग किमी से कहीं ज़्यादा हो सकता है।

सरकार को कितना नुकसान?

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का सीधा असर सरकारी परियोजनाओं, सड़क, रेलवे, रक्षा ढांचे और पर्यावरण संरक्षण पर पड़ता है।

  • सार्वजनिक परियोजनाएं अटक जाती हैं।
  • सरकार को भूमि खाली कराने पर भारी खर्च करना पड़ता है।
  • पर्यावरण और वन क्षेत्र सिकुड़ते हैं।
  • राजस्व की हानि होती है
  • रेलवे और रक्षा भूमि से किराया न मिलने के मामले भी सामने आए हैं।
  • भूमि माफिया और अवैध कॉलोनियों का विस्तार होता है।

हालांकि पूरे देश का एक संयुक्त आर्थिक नुकसान का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन अलग-अलग शहरों में एक-एक कार्रवाई में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन वापस लेने के मामले सामने आते रहते हैं। जैसे दिल्ली कैंटोनमेंट में हाल की एक कार्रवाई में करीब 165 करोड़ रुपये मूल्य की रक्षा भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई।

सरकार क्या कर रही है?

  • रक्षा भूमि का डिजिटलीकरण और GIS मैपिंग वाला Land Management System
  • भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन करना
  • नियमित सर्वे, सीमांकन और 'Defence Land Audit' (2011-12 से लगातार जारी)
  • एंटी-एन्क्रोचमेंट अभियान - पुलिस और ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर
  • कोर्ट के माध्यम से बेदखली कार्रवाई (Public Premises Act, 1971 और Cantonment Act, 2006 के तहत)
  • आम जनता के लिए अतिक्रमण रिपोर्ट करने का ऑनलाइन मॉड्यूल (फरवरी 2020 से)
Updated on:
05 Aug 2026 10:49 am
Published on:
05 Aug 2026 10:49 am