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गांव की सड़क-नाली-लाइट की शिकायत कहीं सुनी नहीं जा रही? यहां है पंचायत से CM हेल्पलाइन तक का पूरा रास्ता

Gram Panchayat Complaints : गांव में टूटी सड़क, नाली या स्ट्रीट लाइट की शिकायत कहां करें? ग्राम पंचायत, BDO से लेकर CM हेल्पलाइन 1076 और RTI दाखिल करने की पूरी आसान प्रक्रिया जानें।
3 min read
Aug 03, 2026
Gram Panchayat Complaints
Gram Panchayat Complaints

गांव में टूटी सड़क, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट, जाम नाली या अधूरे विकास कार्य अक्सर लोगों की परेशानी का कारण बनते हैं। कई बार बजट स्वीकृत होने के बावजूद काम शुरू नहीं होता, या निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है। शिकायत कहां करें और कार्रवाई कैसे कराएं? अच्छी बात यह है कि पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत दर्ज कराने के कई आधिकारिक माध्यम मौजूद हैं, और हर स्तर पर आगे बढ़ने का एक स्पष्ट क्रम भी है।

गांव के विकास कार्यों की प्राथमिक जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। यदि स्ट्रीट लाइट नहीं लग रही, नाली नहीं बन रही या सड़क खराब है, तो सबसे पहले ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को लिखित या मौखिक रूप से जानकारी दें।

यदि समस्या का समाधान नहीं होता, तो इसे ग्राम सभा की बैठक में उठाया जा सकता है। ग्राम सभा गांव की सर्वोच्च स्थानीय संस्था मानी जाती है, जहां ग्रामीण विकास कार्यों पर चर्चा और जवाबदेही तय की जाती है। कई मामलों में ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद कार्य को प्राथमिकता मिल जाती है।

BDO (खंड विकास अधिकारी) से करें शिकायत

यदि पंचायत स्तर पर कार्रवाई नहीं होती, तो अगला कदम ब्लॉक स्तर पर शिकायत करना है। खंड विकास अधिकारी (BDO) पंचायतों के विकास कार्यों की निगरानी करते हैं।

ग्रामीण लिखित शिकायत देकर यह बता सकते हैं कि सड़क, नाली या स्ट्रीट लाइट का काम नहीं हुआ है या उसमें अनियमितता है। BDO मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दे सकते हैं। विशेष रूप से मनरेगा, पंचायत निधि और ग्राम विकास विभाग से जुड़े कार्यों में BDO की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

जनसुनवाई में भी उठा सकते हैं मामला

यदि शिकायत लंबे समय तक लंबित रहती है, तो तहसील दिवस (सम्पूर्ण समाधान दिवस) में आवेदन दिया जा सकता है, जो उत्तर प्रदेश में हर महीने के प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित होता है। यहां SDM, तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद उसे संबंधित विभाग को भेजा जाता है और उसकी निगरानी भी की जाती है। जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रमों में भी ऐसे मामलों को उठाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत करें

यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है, तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एक प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत की थी, जो पूरी तरह टोल-फ्री है और 24 घंटे, सातों दिन काम करती है यानी नागरिक रात-दिन कभी भी कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत सीधे संबंधित विभाग को भेजी जाती है और लखनऊ स्थित एक समर्पित टीम द्वारा इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाती है। कई मामलों में अधिकारी निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट लगाने के लिए बाध्य होते हैं, जिससे कार्रवाई की संभावना काफी बढ़ जाती है। शिकायतकर्ता जनसुनवाई पोर्टल (jansunwai.up.nic.in) पर जाकर अपनी शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन जांच सकते हैं।

ध्यान रहे, यह नंबर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लिए है। बाकी राज्यों में अपनी अलग हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल व्यवस्था होती है, इसलिए दूसरे राज्य के निवासियों को अपने राज्य सरकार की वेबसाइट पर सही माध्यम खोजना चाहिए।

RTI से मांग सकते हैं पूरी जानकारी

कई बार समस्या सिर्फ काम न होने की नहीं होती, बल्कि यह भी पता नहीं होता कि उस कार्य के लिए बजट आया था या नहीं। ऐसी स्थिति में सूचना का अधिकार (RTI) एक मजबूत साधन है। RTI के माध्यम से नागरिक यह जानकारी मांग सकते हैं:

  • सड़क या नाली निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई?
  • कार्य किस एजेंसी को दिया गया?
  • काम कब पूरा होना था?
  • भुगतान कितना हुआ?
  • तकनीकी स्वीकृति और कार्य योजना क्या है?

कानून के अनुसार, RTI आवेदन का जवाब सामान्य मामलों में 30 दिन के भीतर देना अनिवार्य है, जबकि यदि सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ी हो तो यह समय-सीमा घटकर 48 घंटे रह जाती है। तय समय में जवाब न मिलने पर आवेदक संबंधित राज्य सूचना आयोग में अपील कर सकता है। RTI से मिली जानकारी आगे शिकायत या जांच में महत्वपूर्ण सबूत बन सकती है।

अगर भ्रष्टाचार या गड़बड़ी का संदेह हो तो?

यदि ग्रामीणों को लगता है कि कागजों में काम पूरा दिखा दिया गया है लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ, तो वे:

  • BDO को शिकायत दे सकते हैं
  • जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) से जांच मांग सकते हैं
  • DM को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं
  • RTI के जरिए रिकॉर्ड प्राप्त कर सकते हैं

जांच में गड़बड़ी साबित होने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

शिकायत करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

शिकायत हमेशा लिखित रूप में करें और उसकी प्राप्ति रसीद लें। यदि संभव हो तो समस्या की फोटो लगाएं, स्थान का विवरण दें, पुराने आवेदन की प्रति संलग्न करें, कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर करवाएं। इससे शिकायत अधिक प्रभावी बनती है और प्रशासन के लिए उसे नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है।

🚨 समस्या🏢 शिकायत कहां करें?
💡 स्ट्रीट लाइट खराबग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, BDO
🚰 नाली निर्माण न होनाग्राम सभा, BDO, तहसील दिवस
🛣️ सड़क खराब या अधूरीBDO, DM, CM हेल्पलाइन (1076)
⚠️ विकास कार्य में गड़बड़ीDPRO, BDO, DM
📄 बजट और कार्य की जानकारी चाहिएRTI (30 दिन में जवाब अनिवार्य)
📞 कहीं भी सुनवाई न हो तोCM हेल्पलाइन 1076 (24×7 उपलब्ध)
Updated on:
03 Aug 2026 04:18 pm
Published on:
03 Aug 2026 04:18 pm