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Tenant Lpg Gas Connection Rules : किराए के मकान में रहते हैं? जानिए कैसे मिलेगा गैस कनेक्शन, क्या हैं नियम

Lpg Gas Connection For Tenants : किराए के मकान में गैस कनेक्शन कैसे लें? जानिए रेंट एग्रीमेंट से कनेक्शन मिलने के नियम, आवश्यक दस्तावेज, सुरक्षा जमा शुल्क, सब्सिडी प्रक्रिया और ऑनलाइन आवेदन का आसान तरीका।
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Jul 27, 2026
Lpg Gas Connection For Tenants
Lpg Gas Connection For Tenants : जानें किराएदारों को कैसे मिलेगा गैस कनेक्शन, PC- Chatgpt

Lpg Gas Connection For Tenants : भारत में लाखों लोग हर साल नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में दूसरे शहर जाकर किराए के मकान में रहते हैं। ऐसे में सबसे पहला और सबसे जरूरी सवाल यही होता है। रसोई गैस का कनेक्शन कैसे मिलेगा? क्या मकान मालिक की इजाजत के बिना कनेक्शन मिल सकता है? कौन से दस्तावेज चाहिए और कुल खर्च कितना आएगा? आइए हम इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में समझा रहे हैं।

भारत में घरेलू LPG गैस कनेक्शन (Indane, Bharat Gas, HP Gas) लेने के लिए आपको गैस एजेंसी या ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के बाद KYC, पहचान और पते के दस्तावेज जमा करने होते हैं। सत्यापन पूरा होने पर कनेक्शन जारी किया जाता है।

क्या किराए पर रहने वालों को गैस कनेक्शन मिलता है?

हां, बिल्कुल मिलता है। किराएदार (Tenant) भी LPG या PNG गैस कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसके लिए मकान मालिक की मौजूदगी या सहमति हमेशा जरूरी नहीं होती। किराएदार वैध रेंटल दस्तावेजों और KYC के आधार पर खुद आवेदन कर सकते हैं, हालांकि कुछ गैस एजेंसियां सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त एड्रेस वेरिफिकेशन मांग सकती हैं। इसके लिए आमतौर पर इनमें से किसी एक दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है…।

  • रेंट एग्रीमेंट (जितना संभव हो रजिस्टर्ड हो)
  • मकान मालिक का NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र)
  • किराया रसीद
  • पते का अन्य वैध प्रमाण, जैसे बिजली बिल, राशन कार्ड या प्रॉपर्टी टैक्स रसीद

PNG (पाइप गैस) के मामले में नियामक दिशानिर्देश स्पष्ट रूप से कहते हैं कि किराएदार रेंट एग्रीमेंट या मकान मालिक के NOC के आधार पर कनेक्शन ले सकते हैं। यही सिद्धांत LPG कनेक्शन पर भी लागू होता है।

काम की बात : अगर आप PG, हॉस्टल या किसी अस्थायी जगह पर रह रहे हैं और बार-बार शिफ्ट होते हैं, तो 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर (जैसे Indane का 'Chhotu') एक बढ़िया विकल्प है। इसमें कागजी कार्रवाई कम लगती है, यह हल्का और ले जाने में आसान होता है, और खासतौर पर स्टूडेंट्स व वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है।

गैस कनेक्शन के लिए क्या हैं नियम और पात्रता?

  • आवेदक की आयु 18 वर्ष या अधिक हो
  • एक ही परिवार के नाम पर पहले से दूसरा घरेलू LPG कनेक्शन न हो। नियमों के अनुसार उचित वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रति परिवार सिर्फ एक ही कनेक्शन की अनुमति है
  • पहचान और पते का वैध प्रमाण हो
  • KYC फॉर्म जमा करना अनिवार्य है

उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब और वंचित वर्ग की महिलाओं को मुफ्त या रियायती दर पर कनेक्शन देने के लिए अतिरिक्त पात्रता शर्तें लागू होती हैं, जैसे परिवार का BPL/SECC सूची में होना। किराएदार महिलाएं भी उज्ज्वला योजना के लिए पात्र मानी जा सकती हैं, बशर्ते वे बाकी शर्तें पूरी करती हों।

कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं?

  • आधार कार्ड (पहचान और सब्सिडी दोनों के लिए सबसे ज़्यादा मान्य दस्तावेज़)
  • अतिरिक्त पहचान पत्र — वोटर ID, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस (यदि आवश्यक हो)
  • पते का प्रमाण
  • बैंक खाता विवरण (सब्सिडी सीधे खाते में भेजने और कुछ योजनाओं के लिए ज़रूरी)
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो
  • रेंट एग्रीमेंट / मकान मालिक का NOC (किराएदारों के लिए)
  • भरा हुआ KYC फॉर्म
  • यह डिक्लेरेशन कि आपके पास पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन नहीं है

गैस कनेक्शन लेने की पूरी प्रक्रिया

Step 1 - आवेदन करें: नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर या संबंधित कंपनी (Indane, HP, Bharat Gas) के ऑनलाइन पोर्टल/ऐप पर आवेदन फॉर्म भरें।

Step 2 - KYC फॉर्म भरें: अपनी पूरी जानकारी सही-सही भरें और स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें (ऑनलाइन आवेदन में)।

Step 3 - दस्तावेज जमा करें: आधार, पते का प्रमाण, फोटो और किराएदार होने पर रेंट एग्रीमेंट/NOC जमा करें।

Step 4 - सत्यापन: एजेंसी दस्तावेजों की जांच करती है। कई बार एजेंसी का प्रतिनिधि घर आकर रसोई की सुरक्षा व्यवस्था- वेंटिलेशन, सिलेंडर रखने की उचित जगह भी जांचता है।

Step 5 - भुगतान करें: सुरक्षा जमा (रिफंडेबल) और अन्य शुल्क जमा करें।

Step 6 - डिलीवरी: सिलेंडर, रेगुलेटर, सुरक्षा नली और ग्राहक नंबर जारी कर दिया जाएगा। साथ ही एजेंसी की तरफ से सुरक्षा से जुड़ा एक छोटा डेमो भी दिया जाता है।

आवेदन से लेकर कनेक्शन मिलने तक आमतौर पर दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद कुछ दिनों का समय लगता है, हालांकि यह एजेंसी और लोकेशन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

कुल खर्च कितना आता है?

नए LPG कनेक्शन की कुल कीमत कंपनी, शहर, राज्य और कनेक्शन के प्रकार (सिंगल या डबल सिलेंडर) के अनुसार अलग-अलग होती है। इसमें मुख्य रूप से ये चीज़ें शामिल होती हैं:

  • सिलेंडर की सुरक्षा जमा राशि (रिफंडेबल): 14.2 किलो के सिलेंडर के लिए यह राशि आमतौर पर करीब ₹1,450 से ₹2,200 के बीच होती है, राज्य और कंपनी के हिसाब से घटती-बढ़ती है।
  • रेगुलेटर की सुरक्षा जमा राशि: लगभग ₹150 से ₹250
  • डॉक्यूमेंटेशन और इंस्टॉलेशन/डेमो चार्ज: कुछ सौ रुपये तक
  • पहला रिफिल: मौजूदा बाज़ार भाव के अनुसार

कुल मिलाकर एक नए सिंगल सिलेंडर कनेक्शन पर शुरुआती खर्च मोटे तौर पर ₹2,500 से ₹4,000 के बीच बैठ सकता है (डबल सिलेंडर कनेक्शन पर यह ज़्यादा होगा)। सबसे अहम बात सिलेंडर और रेगुलेटर की सुरक्षा जमा राशि पूरी तरह रिफंडेबल होती है, यानी जब आप कनेक्शन सरेंडर करते हैं तो यह पैसा वापस मिल जाता है (उपकरण को नुकसान न हुआ हो तो)। सही और अपडेटेड कीमत जानने के लिए अपनी नजदीकी एजेंसी से जरूर पुष्टि करें, क्योंकि दरें समय-समय पर बदलती रहती हैं।

घर बदलने पर क्या करें?

अगर किराएदार मकान खाली कर रहा है, तो कनेक्शन को नए पते पर ट्रांसफर कराना या पुराना कनेक्शन सरेंडर करना ज़रूरी होता है। यह प्रक्रिया गैस प्रोवाइडर के तय नियमों के अनुसार पूरी करनी होगी। ध्यान रहे, कनेक्शन का मालिकाना हक हमेशा उस पते से जुड़ा माना जाता है जहां के लिए यह जारी हुआ था, इसलिए घर बदलते ही तुरंत अपनी एजेंसी को सूचित करें ताकि सुरक्षा जमा राशि भी समय पर वापस मिल जाए।

यह भी ध्यान रखें कि अगर सिलेंडर लगातार 6 महीने से ज़्यादा समय तक रिफिल नहीं कराया जाता, तो कई एजेंसियां कनेक्शन को अपने आप निष्क्रिय कर देती हैं। इसलिए लंबे समय के लिए घर छोड़ने से पहले एजेंसी को सूचित करना बेहतर रहता है।

सब्सिडी कैसे मिलती है? (DBTL स्कीम)

भारत में LPG सब्सिडी 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर LPG' (DBTL), जिसे PAHAL स्कीम भी कहा जाता है, के तहत दी जाती है। इसका मतलब है कि आप पूरी कीमत पर सिलेंडर खरीदते हैं और उसके बाद सरकार द्वारा तय की गई सब्सिडी राशि सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा कर दी जाती है। इसके लिए जरूरी है…।

  • आपका आधार कार्ड LPG कनेक्शन से जुड़ा हो
  • आधार आपके बैंक खाते से भी लिंक हो
  • आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड हो, ताकि हर ट्रांजैक्शन का SMS अपडेट मिल सके

किराएदारों के लिए भी यह प्रक्रिया वैसी ही है। कनेक्शन चाहे किराए के पते पर हो या अपने घर पर, सब्सिडी उसी आधार-लिंक्ड खाते में जाती है जो कनेक्शन के साथ रजिस्टर्ड है। ध्यान रहे कि मौजूदा समय में सब्सिडी की राशि आय वर्ग, LPG के बाज़ार भाव और सरकार की नीति के अनुसार बदलती रहती है, इसलिए सटीक और मौजूदा राशि जानने के लिए संबंधित कंपनी के पोर्टल या SMS अलर्ट पर भरोसा करना बेहतर है।

कुछ सवालों से समझें अपने जवाब

  1. क्या किराएदार को मकान मालिक की लिखित इजाज़त हमेशा देनी पड़ेगी? ज़रूरी नहीं। ज़्यादातर मामलों में सिर्फ रेंट एग्रीमेंट या किराया रसीद से ही काम चल जाता है। NOC सिर्फ तभी मांगा जाता है जब एजेंसी को अतिरिक्त पुष्टि चाहिए हो।
  2. अगर मेरे पास रेंट एग्रीमेंट नहीं है तो क्या करूं? आप किराया रसीद, बिजली बिल (आपके नाम पर या मकान मालिक की सहमति से), या अन्य पते के प्रमाण से भी आवेदन कर सकते हैं। एजेंसी से पहले ही पूछ लेना बेहतर रहेगा कि वे कौन से दस्तावेज स्वीकार करते हैं।
  3. क्या एक ही पते पर दो अलग किराएदार अलग-अलग कनेक्शन ले सकते हैं? हां, बशर्ते हर आवेदक अलग-अलग परिवार का हिस्सा हो और सभी जरूरी दस्तावेज अलग-अलग जमा किए गए हों। नियम यह कहता है कि एक परिवार को सिर्फ एक ही घरेलू LPG कनेक्शन मिल सकता है, दो अलग परिवारों को नहीं रोका जाता।
  4. गैस लीक होने या इमरजेंसी में क्या करें? सभी बड़ी कंपनियों की 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन उपलब्ध होती है (LPG इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 1906)। सिलेंडर बुक करते समय यह नंबर आपकी पासबुक या कनेक्शन डॉक्यूमेंट में भी दर्ज होता है।
  5. क्या ऑनलाइन आवेदन करना सुरक्षित और तेज़ है? हां, आजकल ज़्यादातर कंपनियां (Indane, HP, Bharat Gas) अपनी वेबसाइट और ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देती हैं, जिसमें दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड किए जा सकते हैं और सत्यापन के बाद घर पर डिलीवरी हो जाती है।

(नोट: दस्तावेज़ों की सटीक सूची, शुल्क और नियम एजेंसी, कंपनी व राज्य के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं। आवेदन से पहले अपनी नजदीकी गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी की वेबसाइट से मौजूदा दरें और नियम जरूर कन्फर्म कर लें।)

Updated on:
27 Jul 2026 12:46 pm
Published on:
27 Jul 2026 12:46 pm