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आपका बच्चा AI का इस्तेमाल कर रहा है? माता-पिता के लिए 7 जरूरी सवाल और उनके जवाब

AI बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी है कि बच्चों को AI का सुरक्षित, जिम्मेदार और समझदारी से उपयोग कैसे सिखाया जाए। पढ़ें 7 महत्वपूर्ण सवाल और उनके विशेषज्ञों पर आधारित जवाब।
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भारत

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Ravi Gupta

Jul 27, 2026

AI for Children, AI Safety, Parenting Tips, Digital Safety,

प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT Ai

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञों का विषय नहीं रह गया है। आज यह बच्चों की पढ़ाई, होमवर्क, प्रोजेक्ट, कहानी सुनने, भाषा सीखने और नई चीज़ें समझने का भी हिस्सा बन चुका है।

ChatGPT जैसे AI चैटबॉट और अन्य जनरेटिव AI टूल्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बच्चे AI का सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल कर रहे हैं? और क्या माता-पिता उन्हें सही दिशा दिखाने के लिए तैयार हैं?

UNICEF ने दिसंबर 2025 में जारी "Guidance on AI and Children (Version 3.0)" में बच्चों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए AI के सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार उपयोग पर विस्तृत सिफारिशें दी हैं। वहीं शिक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि AI बच्चों के लिए उपयोगी उपकरण बन सकता है, लेकिन इसकी सीमाओं और जोखिमों को समझना उतना ही जरूरी है।

आइए आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सवाल 1: क्या बच्चों के लिए AI का इस्तेमाल करना गलत है?

जवाब: बिल्कुल नहीं।

AI अपने आप में न तो अच्छा है और न बुरा। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इसका उपयोग कैसे किया जा रहा है। अगर बच्चा AI का इस्तेमाल किसी विषय को समझने, नई भाषा सीखने, विज्ञान के प्रयोगों की जानकारी लेने या रचनात्मक लेखन के लिए कर रहा है, तो यह सीखने में मददगार हो सकता है।

लेकिन अगर बच्चा बिना समझे AI से मिले उत्तर को अपना काम बताकर जमा कर देता है या उस पर पूरी तरह निर्भर हो जाता है, तो इससे उसकी सोचने और सीखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

सवाल 2: क्या AI हमेशा सही जानकारी देता है?

जवाब: नहीं।

AI कई बार गलत, अधूरी या पुरानी जानकारी भी दे सकता है। विशेषज्ञ इसे AI की एक सामान्य सीमा मानते हैं। इसलिए बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि AI के हर जवाब पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

यदि किसी विषय का उत्तर महत्वपूर्ण है, तो उसे किताब, शिक्षक या किसी विश्वसनीय स्रोत से भी जांचना चाहिए। इससे बच्चों में आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking) विकसित होती है और वे जानकारी की सत्यता परखना सीखते हैं।

सवाल 3: बच्चों को AI में कौन-सी जानकारी कभी साझा नहीं करनी चाहिए?

जवाब: कोई भी निजी जानकारी।

माता-पिता बच्चों को समझाएं कि AI चैटबॉट या किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपना पूरा नाम, घर का पता, स्कूल का नाम, फोन नंबर, ईमेल, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी या निजी फोटो साझा नहीं करनी चाहिए।

UNICEF भी बच्चों की डिजिटल गोपनीयता और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को AI उपयोग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। एक बार इंटरनेट पर साझा की गई जानकारी का उपयोग कैसे होगा, यह हमेशा उपयोगकर्ता के नियंत्रण में नहीं रहता।

सवाल 4: क्या होमवर्क के लिए AI का इस्तेमाल करना सही है?

जवाब: हां, लेकिन सही तरीके से।

AI का उपयोग उत्तर कॉपी करने के बजाय विषय समझने के लिए करना अधिक उपयोगी है। उदाहरण के लिए यदि बच्चे को गणित का कोई सवाल समझ नहीं आ रहा है, तो वह AI से उसका तरीका समझ सकता है। यदि इतिहास का कोई अध्याय कठिन लग रहा है, तो AI से आसान भाषा में उसका सार समझ सकता है।

इसके बाद बच्चे को अपने शब्दों में उत्तर लिखने की आदत डालनी चाहिए। इससे उसकी समझ भी बढ़ेगी और सीखने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।

सवाल 5: माता-पिता बच्चों की कैसे मदद कर सकते हैं?

जवाब: AI का उपयोग बच्चों के साथ मिलकर करें।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि माता-पिता समय-समय पर बच्चों के साथ AI टूल्स का उपयोग करें। इससे उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि बच्चा किस तरह के सवाल पूछ रहा है और AI किस प्रकार के जवाब दे रहा है।

साथ ही घर में कुछ सरल नियम बनाए जा सकते हैं, जैसे -

  • AI में निजी जानकारी साझा नहीं करेंगे।
  • किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि विश्वसनीय स्रोत से करेंगे।
  • AI का उपयोग सीखने के लिए करेंगे, न कि नकल करने के लिए।
  • यदि AI का कोई जवाब अजीब, डराने वाला या परेशान करने वाला लगे तो तुरंत माता-पिता या शिक्षक से बात करेंगे।

ऐसे नियम बच्चों को सुरक्षित डिजिटल आदतें विकसित करने में मदद करते हैं।

सवाल 6: क्या बच्चों को AI पर पूरी तरह निर्भर हो जाना चाहिए?

जवाब: नहीं।

AI एक सहायक उपकरण है, लेकिन यह इंसानी समझ, अनुभव और रचनात्मकता का विकल्प नहीं है। यदि बच्चा हर छोटे-बड़े काम के लिए AI पर निर्भर होने लगे, तो उसकी समस्या हल करने की क्षमता, कल्पनाशक्ति और स्वतंत्र सोच प्रभावित हो सकती है।

शिक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को किताबें पढ़ने, चर्चा करने, सवाल पूछने और स्वयं समाधान खोजने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। AI इन प्रयासों का पूरक हो सकता है, उनका स्थान नहीं ले सकता।

सवाल 7: सबसे जरूरी बात क्या है जिसे हर माता-पिता को याद रखना चाहिए?

जवाब: बच्चों से खुलकर बातचीत करें।

AI से जुड़ी दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में बच्चों को डराने या केवल रोकने के बजाय उनसे नियमित बातचीत करना अधिक प्रभावी तरीका है।

यदि बच्चा किसी AI चैटबॉट का उपयोग कर रहा है, तो उससे पूछें कि वह इसका इस्तेमाल किस काम के लिए करता है, उसे क्या जानकारी मिली और क्या वह उस जानकारी को समझ पाया। इस तरह की बातचीत बच्चों में जिम्मेदारी और भरोसा दोनों विकसित करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब परिवार, स्कूल और बच्चे मिलकर AI के उपयोग के स्पष्ट नियम बनाते हैं, तो डिजिटल सुरक्षा और सीखने - दोनों में बेहतर परिणाम मिलते हैं।

AI यूज: बच्चों के लिए 5 नियम

  • AI को सीखने का सहायक मानें, अंतिम सत्य नहीं।
  • किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि विश्वसनीय स्रोत (किताब, शिक्षक) से करें।
  • निजी जानकारी और फोटो कभी साझा न करें।
  • होमवर्क को AI से समझें, लेकिन उत्तर अपने शब्दों में लिखें।
  • किसी भी उलझन या असहज अनुभव पर तुरंत माता-पिता या शिक्षक से बात करें।

AI आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा और दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है। इसलिए इसे पूरी तरह अपनाना या पूरी तरह नकारना - दोनों ही सही रास्ते नहीं हैं। सही तरीका यह है कि बच्चे AI का सुरक्षित, जिम्मेदार और समझदारी से उपयोग करना सीखें।

इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका माता-पिता और शिक्षकों की है। यदि बच्चे को सही मार्गदर्शन, डिजिटल सुरक्षा की समझ और स्वतंत्र सोच की आदत मिलती है, तो AI उसके सीखने और रचनात्मक विकास का प्रभावी साथी बन सकता है।