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आपका बैंक खाता निष्क्रिय तो नहीं हो गया? जानिए दोबारा एक्टिव कैसे करें और RBI के नए नियम

Dormant Bank Account Reactivation : आपका बैंक खाता निष्क्रिय (Inactive) या डॉरमेंट (Dormant) हो गया है? जानिए RBI के नए नियमों के तहत घर बैठे वीडियो KYC या किसी भी ब्रांच से खाता फ्री में दोबारा एक्टिवेट करने की पूरी प्रक्रिया।
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Jul 27, 2026
Dormant Bank Account Reactivation
Dormant Bank Account Reactivation : खाता निष्क्रिय हो जाने पर क्या करें, PC- Patrika

नौकरी बदली, शहर बदला, या कोई पुरानी सैलरी/सरकारी स्कीम वाला खाता भूल गए। ऐसे में महीनों-सालों बाद जब उस अकाउंट की जरूरत पड़ती है, तो अक्सर पता चलता है कि खाता 'Inactive' या 'Dormant' हो गया है और पैसे नहीं निकल रहे। घबराने की बात नहीं है। यह बहुत सामान्य समस्या है, और इसे ठीक करने का तरीका भी बिल्कुल तय है।

Dormant या Inoperative का मतलब है ऐसा बैंक अकाउंट जिसमें आपकी तरफ से लगातार 24 महीने (2 साल) तक कोई ट्रांजैक्शन न हुई हो न डिपॉज़िट, न विदड्रॉल, न ऑनलाइन ट्रांसफर। गिनती किस चीज की होती है, यह समझना जरूरी है। सिर्फ आपके द्वारा खुद की गई ट्रांजैक्शन गिनी जाती है। बैंक द्वारा अपने आप जमा किया गया ब्याज या काटा गया चार्ज इसमें नहीं गिना जाता। यानी अगर सिर्फ इंटरेस्ट क्रेडिट हो रहा है और आप कोई ट्रांजैक्शन नहीं कर रहे, तो भी अकाउंट Dormant हो सकता है। यही वजह है कि बहुत से लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनका अकाउंट कब Dormant हो गया।

सबसे जरूरी बात पैसा सुरक्षित रहता है: Dormant होने का मतलब यह नहीं कि पैसा डूब गया या बैंक ने जब्त कर लिया। पैसा आपके खाते में पूरी तरह सुरक्षित रहता है। सिर्फ कुछ सुविधाएं अस्थायी रूप से तब तक रुकी रहती हैं जब तक आप दोबारा KYC करा कर अकाउंट एक्टिवेट नहीं करा लेते। पहले समझिए Inactive और Dormant अकाउंट में क्या फर्क है।

बैंकिंग नियमों में दोनों अलग-अलग स्टेज हैं

Inactive (निष्क्रिय) अकाउंट: अगर लगातार 12 महीने तक अकाउंट में ग्राहक की तरफ से कोई ट्रांजैक्शन (डिपॉजिट, विदड्रॉल, ट्रांसफर) नहीं होता, तो अकाउंट 'Inactive' माना जाता है।

Dormant/Inoperative (निष्क्रिय, गहरी स्टेज) अकाउंट: अगर यह स्थिति 24 महीने (2 साल) तक बनी रहती है, तो अकाउंट 'Dormant' या 'Inoperative' की श्रेणी में चला जाता है। इस स्टेज में ATM, नेट बैंकिंग, चेक बुक जैसी सुविधाएं ब्लॉक हो सकती हैं।

जरूरी बात : केवल ग्राहक द्वारा की गई ट्रांजैक्शन ही अकाउंट को एक्टिव रखती है। बैंक द्वारा खुद जमा किया गया ब्याज या चार्ज इसमें नहीं गिना जाता। यानी अगर सिर्फ ब्याज जमा हो रहा है और आप खुद कोई ट्रांजैक्शन नहीं कर रहे, तो भी अकाउंट Dormant हो सकता है।

अच्छी खबर: अकाउंट Dormant होने का मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा डूब गया या बैंक ने उसे ज़ब्त कर लिया। पैसा आपके खाते में सुरक्षित रहता है। सिर्फ कुछ सुविधाएं अस्थायी रूप से रोक दी जाती हैं जब तक आप दोबारा वेरिफाई न करा लें।

  • Dormant होने पर क्या-क्या रुक जाता है?
  • ATM से पैसे निकालना
  • नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग एक्सेस
  • चेक बुक से पैसे निकालना

कुछ मामलों में ब्याज मिलना भी प्रभावित हो सकता है, हालांकि DBT/पेंशन/सब्सिडी वाले खातों (जैसे जनधन खाते) को RBI ने इस नियम से छूट देने का निर्देश दिया है, हालांकि इसका पालन बैंकों में एक-समान नहीं है।

दोबारा एक्टिव कैसे करें? (Step-by-Step)

RBI के अप्रैल 2025 से लागू नए दिशानिर्देशों ने यह प्रक्रिया पहले से काफी आसान बना दी है। पहले सिर्फ होम ब्रांच में KYC अपडेट होता था, अब यह कहीं से भी हो सकता है।

Step 1 - बैंक को सूचित करें: अपनी होम ब्रांच या किसी भी नज़दीकी ब्रांच में जाकर बताएं कि आपका अकाउंट दोबारा एक्टिव करना है।

Step 2 - KYC अपडेट करें: नए नियमों के तहत आप यह KYC अपडेट तीन तरीकों से कर सकते हैं:

  • किसी भी ब्रांच में जाकर (होम ब्रांच होना जरूरी नहीं)
  • वीडियो-बेस्ड KYC वेरिफिकेशन के ज़रिए, घर बैठे
  • बैंक के बिजनेस करेस्पॉन्डेंट (BC) की मदद से

Step 3 - दस्तावेज़ जमा करें: आधार, पैन/अन्य पहचान पत्र, हालिया पासपोर्ट साइज फोटो जमा करें ताकि पहचान वेरिफाई हो सके।

Step 4 - एक छोटा ट्रांजैक्शन करें: ज़्यादातर मामलों में KYC पूरा होने के बाद एक छोटी सी डिपॉज़िट या विदड्रॉल ट्रांजैक्शन से अकाउंट फिर से एक्टिव स्टेटस में आ जाता है।

Step 5 - कन्फर्मेशन लें: बैंक से लिखित या SMS कन्फर्मेशन ज़रूर लें कि अकाउंट दोबारा एक्टिव हो गया है।

खर्च: नए RBI निर्देशों के अनुसार अकाउंट रीएक्टिवेशन की प्रक्रिया पूरी तरह फ्री होनी चाहिए। इसके लिए कोई पेनल्टी या फीस नहीं ली जा सकती।

अगर 10 साल तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुई तो?

यह सबसे गंभीर स्टेज है। अगर किसी सेविंग्स/करंट अकाउंट में 10 साल या उससे ज़्यादा समय तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होती, तो बैंक उस बची हुई राशि को RBI के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEA Fund) में ट्रांसफर कर देता है। लेकिन यहां भी घबराने की बात नहीं है। पैसा ट्रांसफर होने का मतलब यह नहीं कि आपका मालिकाना हक खत्म हो गया। जमाकर्ता या उसके कानूनी वारिस कभी भी अपने बैंक से संपर्क करके यह राशि साथ में लागू ब्याज (मौजूदा दर 3% प्रति वर्ष) वापस पा सकते हैं
क्लेम करने की कोई समय-सीमा नहीं है। बैंक ही आपकी तरफ से RBI से रीइम्बर्समेंट लेकर आपको पैसा देता है

RBI का UDGAM पोर्टल इस्तेमाल करें: RBI ने 'Unclaimed Deposits - Gateway to Access Information' (UDGAM) पोर्टल शुरू किया है, जहां आप कई बैंकों में अपने या परिवार के पुराने unclaimed डिपॉज़िट को एक साथ सर्च कर सकते हैं।

RBI के नए नियम (2025-26) क्या कहते हैं?

  • बैंकों को अकाउंट 'Inactive' (12 महीने) और "Dormant" (24 महीने) होने से पहले ग्राहक को SMS, ईमेल या लेटर के ज़रिए समय पर सूचित करना अनिवार्य है।
  • रीएक्टिवेशन के लिए KYC अब किसी भी ब्रांच से या वीडियो के ज़रिए हो सकता है। होम ब्रांच जाने की मजबूरी खत्मरीएक्टिवेशन की प्रक्रिया फीस-फ्री और डिजिटल-फ्रेंडली होनी चाहिए।
  • बैंकों को हर तिमाही अपने यहां मौजूद Inoperative अकाउंट्स की संख्या RBI को रिपोर्ट करनी होती है, ताकि इनकी संख्या घटाई जा सके।

कुछ सवाल जो आपके हैं...।

  1. क्या dormant होने पर मेरा पैसा डूब जाता है? नहीं। पैसा आपके खाते में पूरी तरह सुरक्षित रहता है, सिर्फ कुछ सुविधाएं अस्थायी रूप से रुक जाती हैं जब तक आप KYC अपडेट नहीं करा लेते।
  2. क्या रीएक्टिवेशन के लिए पैसे देने पड़ते हैं? नहीं, RBI के निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया फ्री है।
  3. मेरा पुराना बैंक ही मर्ज हो गया है, अब क्या करूं? मर्जर की स्थिति में आपका अकाउंट स्वचालित रूप से नई (मर्ज्ड) बैंक इकाई में ट्रांसफर हो जाता है। आप नई बैंक की किसी भी ब्रांच में जाकर अपने पुराने अकाउंट नंबर/पासबुक के साथ जानकारी ले सकते हैं।
  4. अगर मुझे याद ही नहीं कि मेरा कोई पुराना खाता है तो कैसे पता करूं? RBI के UDGAM पोर्टल पर अपना नाम, PAN या अन्य डिटेल्स डालकर सर्च करें। यह कई प्रमुख बैंकों के unclaimed डिपॉज़िट डेटा को कवर करता है।
  5. क्या जनधन/पेंशन/सब्सिडी वाले खाते भी Dormant हो सकते हैं? RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से जुड़े खातों को दोबारा दोरमेंट क्लासिफिकेशन से बचाया जाए, लेकिन व्यवहार में इसका पालन सभी बैंकों में एक-समान नहीं है। इसलिए इन खातों में भी समय-समय पर खुद कोई छोटी ट्रांजैक्शन करना सुरक्षित रहेगा।
Updated on:
27 Jul 2026 03:52 pm
Published on:
27 Jul 2026 03:52 pm