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लाइफस्टाइल डिजीज का बढ़ता खतरा: ये 5 आदतें दिलाएंगी बीमारियों और सुस्त जीवनशैली से छुटकारा

Lifestyle Disease Prevention: सुस्त जीवनशैली आपकी सेहत को खतरे में डाल सकती है। लंबे समय तक बैठे रहने से गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। जानिए, कैसे दिनचर्या में बदलाव करके इस खतरे को कम कर सकते हैं।
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Aug 01, 2026
Lifestyle Disease Prevention
Healthy Lifestyle Tips: लाइफस्टाइल डिजीज से बचने के तरीके। (Image: AI)

Lifestyle Disease Prevention: सुस्त जीवनशैली (लाइफस्टाइल डिजीज) का खतरा बढ़ता जा रहा है। लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि की कमी से मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। वहीं दूसरी गंभीर बीमारियां भी जन्म ले सकती हैं। आइए समझते हैं कि यह कैसे होता है, कौन-कौन प्रभावित हो सकते हैं और आप क्या कर सकते हैं।

शारीरिक निष्क्रियता और स्वास्थ्य पर असर

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जो लोग पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते, उनमें मृत्यु का जोखिम 20–30% तक बढ़ जाता है। साथ ही, यह हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों का भी प्रमुख कारण है।

विशेष रूप से कैंसर के संदर्भ में, लंबे समय तक बैठे रहने (सेडेंटरी बिहेवियर) से कोलोरेक्टल, स्तन और एंडोमेट्रियल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। WHO की गाइडलाइंस बताती हैं कि दिन में 8 घंटे से अधिक बैठे रहने पर हृदय रोग और कैंसर से मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जो कम सक्रिय (एक्टिव) रहते हैं।

वजन, कमर का घेरा और कैंसर का संबंध

एक अध्ययन (British Journal of Sports Medicine, 2025) में पाया गया कि जिन लोगों की कमर का घेरा WHO की उच्च-जोखिम सीमा से ऊपर था, उनमें कैंसर का जोखिम 11% ज्यादा था, भले ही वे शारीरिक गतिविधि की गाइडलाइंस का पालन कर रहे हों। वहीं, जो लोग शारीरिक गतिविधि की गाइडलाइंस का पालन नहीं करते, उनमें कैंसर का जोखिम 4% ज्यादा था और दोनों कारकों के एक साथ होने पर यह जोखिम 15% तक पहुंच गया।

लाइफस्टाइल डिजीज का भारत में बढ़ता बोझ

भारत में गैर-संचारी बीमारियां (NCDs) तेजी से बढ़ रही हैं। WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के आंकड़ों के अनुसार, शारीरिक निष्क्रियता से कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह का जोखिम 20–30% तक बढ़ जाता है और इससे जीवनकाल में 3–5 वर्ष की कमी हो सकती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 10% कैंसर के मामलों का संबंध खराब जीवनशैली और शारीरिक निष्क्रियता से है।

व्यावहारिक उपाय और सलाह

आप अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं:

  1. नियमित शारीरिक गतिविधि अपनाएंWHO की सिफारिश है कि वयस्कों को प्रति सप्ताह कम से कम 150–300 मिनट मध्यम तीव्रता की गतिविधि (जैसे तेज चलना) या 75–150 मिनट तीव्र गतिविधि (जैसे दौड़ना) करनी चाहिए। इसके साथ ही, सप्ताह में दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम (जैसे हल्के वजन उठाना) भी आवश्यक हैं।
  2. लंबे समय तक बैठे रहने से बचेंदिन में लगातार लंबे समय तक बैठे रहने के बजाय हर 30–60 मिनट में उठकर हल्की गतिविधि करें, जैसे थोड़ा चलना या खिंचाव करना। यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है और स्वास्थ्य जोखिम को कम करता है।
  3. कमर का घेरा नियंत्रित रखेंयदि आपकी कमर का घेरा WHO की उच्च-जोखिम सीमा (महिलाओं के लिए >88 सेमी, पुरुषों के लिए >102 सेमी) के आसपास है, तो वजन कम करने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने पर विशेष ध्यान दें।
  4. जीवनशैली में छोटे बदलाव
  • सीढ़ियां चुनें, लिफ्ट का उपयोग न करें।
  • टीवी या मोबाइल स्क्रीन के समय को सीमित करें।
  • घर के कामों में सक्रिय रहें, जैसे झाड़ू-पोछा, बगीचे में काम।
  • परिवार या दोस्तों के साथ चलने या खेलने का समय निकालें।

नियमित स्वास्थ्य जांच

अपने रक्तचाप, रक्त शर्करा, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और कमर के घेरे की समय-समय पर जांच कराएं। यदि कोई जोखिम नजर आए, तो डॉक्टर से सलाह लें।

कब डॉक्टर से मिलें

यदि आप लंबे समय तक बैठे रहने के कारण थकान, वजन बढ़ना या किसी प्रकार की असहजता महसूस कर रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलकर अपनी जीवनशैली और जांच की योजना बनाएं। यह लेख डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी नई गतिविधि या आहार शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

Updated on:
01 Aug 2026 03:00 pm
Published on:
01 Aug 2026 03:00 pm