
रोजगार, पढ़ाई या अन्य कारणों से लाखों लोग अपने गृह राज्य से दूसरे राज्यों में जाते हैं। पहले ऐसे लोगों को राशन लेने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब 'वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना के जरिए देश के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त किया जा सकता है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों को पूरे देश में राशन पोर्टेबिलिटी की सुविधा देती है
वन नेशन वन राशन कार्ड एक तकनीक आधारित व्यवस्था है, जिसके तहत NFSA लाभार्थी अपने मौजूदा राशन कार्ड का उपयोग करके देश के किसी भी e-POS सक्षम उचित मूल्य दुकान (FPS) से राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए नया राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं होती।
यह योजना विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों, अस्थायी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले लोगों, छात्रों और कामकाजी परिवारों के लिए उपयोगी है। देश के करोड़ों NFSA लाभार्थी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
यदि आपका राशन कार्ड NFSA के तहत सक्रिय है और आधार से जुड़ा हुआ है, तो आप दूसरे राज्य में किसी भी e-POS मशीन वाली राशन दुकान पर जा सकते हैं। वहां राशन कार्ड नंबर, आधार नंबर या राशन कार्ड की प्रति दिखानी होती है। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन होने पर निर्धारित राशन मिल जाता है।
ONORC योजना की पूरी व्यवस्था आधार आधारित पहचान पर काम करती है। राशन कार्ड और लाभार्थी के आधार नंबर को जोड़ने (Aadhaar Seeding) से यह सुनिश्चित होता है कि सही व्यक्ति को ही राशन मिले और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लग सके।
राशन दुकान पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (e-POS) मशीन में लाभार्थी का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। अंगूठे या फिंगरप्रिंट के मिलान के बाद सिस्टम राशन जारी कर देता है।
हां। ONORC के तहत राशन का स्प्लिट ट्रांजेक्शन संभव है। यानी परिवार का एक सदस्य दूसरे राज्य में अपने हिस्से का राशन ले सकता है, जबकि बाकी सदस्य गृह राज्य में शेष राशन प्राप्त कर सकते हैं।
लाभार्थियों को उनके राशन कार्ड की श्रेणी (AAY या PHH) के अनुसार खाद्यान्न मिलता है। इसमें मुख्य रूप से गेहूं, चावल और राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित अन्य खाद्यान्न शामिल हो सकते हैं।
यदि राशन देने से मना किया जाता है या कोई समस्या आती है, तो लाभार्थी राज्य खाद्य एवं रसद विभाग, स्थानीय खाद्य अधिकारी या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ONORC से संबंधित शिकायतों के लिए 14445 जैसे हेल्पलाइन नंबर भी कई राज्यों में उपलब्ध हैं।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा प्रवासी मजदूरों को हुआ है। उन्हें अब राशन लेने के लिए अपने गांव या गृह राज्य लौटने की जरूरत नहीं पड़ती। वे जहां काम कर रहे हैं, वहीं अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं।
लाभार्थी अपने राज्य के खाद्य विभाग की वेबसाइट, NFSA पोर्टल या 'मेरा राशन' (Mera Ration) ऐप के जरिए राशन कार्ड की स्थिति, आधार सीडिंग और राशन वितरण की जानकारी देख सकते हैं।