1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सही बीज का चुनाव कैसे करें? किसानों के लिए आसान और जरूरी गाइड

Seed Selection Tips: सही बीज का चुनाव आपकी फसल की सफलता का सबसे बड़ा राज होता है। इस लेख में जानिए कैसे सही बीज चुनकर आप अपनी फसलों को ऊंचाई पर ले जा सकते हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Adarsh Thakur

Aug 01, 2026

Seed Selection Tips

Seed Selection Tips: खेती के लिए सही बीजों का चयन कैसे करें? (Image: AI)

Seed Treatment: जब खेत में बीज सही नहीं होगा, तो चाहे मिट्टी, पानी या उर्वरक कितना भी सही हो, फसल की सफलता मुश्किल हो जाती है। इसलिए बीज का चयन ही खेती की नींव है। नीचे आसान भाषा में समझिए कि कैसे आप अपने खेत और फसल के हिसाब से सबसे उपयुक्त बीज चुन सकते हैं।

मिट्टी और जलवायु के अनुसार किस्म चुनें

कृषि विज्ञान केंद्रों में किसानों को सलाह दी जाती है कि बीज हमेशा मान्यता प्राप्त स्रोत से ही खरीदें और किस्म का चयन क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी की जांच के बाद ही करें। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के करनाल स्थित गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने भी किसानों को यही सुझाव दिया है कि वे अपने क्षेत्र और स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त किस्म चुनें और विश्वसनीय स्रोत से ही बीज खरीदें।

बीज की गुणवत्ता और अंकुरण क्षमता

अच्छे बीज में उच्च अंकुरण दर, आनुवंशिक शुद्धता, रोग और कीटों से मुक्त होना, सही नमी और आकार-रंग में समानता जैसी विशेषताएं होनी चाहिए।उदाहरण के लिए सोयाबीन का बीज प्रमाणित, रोगमुक्त और कम से कम 80% अंकुरण दर वाला होना चाहिए।

स्वस्थ बीज का चयन और नमक घोल परीक्षण

धान के लिए सरकारी गाइड में बताया गया है कि 10% नमक के घोल (100 ग्राम नमक प्रति लीटर पानी) में बीज डालकर तैरने वाले बीज निकाल दें और नीचे बैठे बीजों को धोकर सुखाएं, यह एक सरल और प्रभावी तरीका है। इसके अलावा, बेहतर परिणाम के लिए बीज को 10% नमक घोल से उपचारित करना चाहिए।

प्रमाणित स्रोत और सरकारी सहायता

राजस्थान कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, प्रमाणित बीज कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी की अनुशंसा पर अनुदानित रूप में मिल सकते हैं और आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम में पंजीकृत किसानों को भी बीज उपलब्ध होता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि बीज की गुणवत्ता और स्रोत दोनों भरोसेमंद हैं।

बीज उपचार का महत्व

बीज उपचार से पौधों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता, अंकुरण और उपज में सुधार होता है और कीटनाशकों या जैविक एजेंटों से बीज को सुरक्षित किया जा सकता है। ICAR करनाल ने भी बीज उपचार की सलाह दी है, ताकि बीज जनित और मिट्टी जनित रोगों से बचाव हो सके।

बीज दर का ध्यान रखें

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के अनुसार, खरीफ फसलों के लिए सामान्यतः 16–20 किलो प्रति हेक्टेयर और जायद के लिए 20–25 किलो बीज पर्याप्त होता है, लेकिन यह ऋतु और बीज के आकार पर निर्भर करता है। सोयाबीन के लिए एक एकड़ में लगभग 25–30 किलो बीज पर्याप्त माना गया है, जबकि बड़े दाने के लिए 35–40 किलो तक की सलाह दी गई है।

सही बीज चुनने के लिए ये कदम अपनाएं

  1. क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु के अनुसार उपयुक्त किस्म चुनें।
  2. बीज प्रमाणित, रोगमुक्त और उच्च अंकुरण दर वाला होना चाहिए, इससे पौधों की शुरुआत मजबूत होती है।
  3. नमक घोल से बीज की जांच करें। तैरने वाले बीज कमजोर हो सकते हैं, उन्हें हटाना फायदेमंद होता है।
  4. सरकारी या विश्वसनीय स्रोत से बीज खरीदें। प्रमाणित बीज से जोखिम कम होता है।
  5. बीज उपचार अवश्य करें। रोग और कीटों से बचाव के लिए यह एक जरूरी कदम है।
  6. सही बीज दर का उपयोग करें, अधिक या कम दोनों ही उपज को प्रभावित कर सकते हैं।