
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) एक ऐसा निवेश माध्यम है, जो आम नागरिकों को बिना सीधे संपत्ति खरीदे रियल एस्टेट में हिस्सेदारी लेने का अवसर देता है। इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि REITs क्या हैं, भारत में ये कैसे काम करते हैं, इनके फायदे–नुकसान क्या हैं, और निवेश के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
REITs एक प्रकार का निवेश ट्रस्ट होता है, जो कई निवेशकों से पैसा इकट्ठा कर आय देने वाली संपत्तियों जैसे ऑफिस, मॉल, लॉजिस्टिक्स पार्क आदि में निवेश करता है। इसकी संरचना म्यूचुअल फंड जैसी होती है, लेकिन इसमें अंतर्निहित संपत्ति रियल एस्टेट होती है।
भारत में SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने REITs की रूपरेखा 2014 में जारी की थी, जिससे यह एक विनियमित और पारदर्शी निवेश विकल्प बन गया।
REITs को एक ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया जाता है, जिसमें तीन मुख्य भूमिकाएं होती हैं:
REITs को स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करना अनिवार्य है। इसके लिए कम से कम 250 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रस्ताव होना चाहिए और 25% सार्वजनिक फ्लोट की आवश्यकता होती है। निवेश की न्यूनतम राशि सामान्यतः 2 लाख रुपये होती है और ट्रेडिंग लॉट 1 लाख रुपये का होता है।
REITs को "पास-थ्रू" स्थिति प्राप्त है, अर्थात ट्रस्ट स्वयं कर नहीं देता; आय सीधे यूनिट होल्डर्स के पास जाती है और वही कर देते हैं।
इसके अतिरिक्त, बजट 2016–17 में REITs और InvITs पर लागू डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को हटा दिया गया, जिससे यह और अधिक आकर्षक बन गया है।
कल्पना कीजिए कि आप और कई लोग मिलकर एक ग्रेड-ए ऑफिस बिल्डिंग में निवेश करते हैं। REIT इसी प्रकार कार्य करता है। यह कई संपत्तियों का पोर्टफोलियो रखता है, जो किराए से आय उत्पन्न करता है। यह आय यूनिट होल्डर्स को वितरित की जाती है, और संपत्ति की कीमत बढ़ने पर पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) भी हो सकता है।
फायदे:
सावधानियां:
भारत में अब तक कुछ प्रमुख REITs सूचीबद्ध हैं, जैसे Embassy REIT, Mindspace, Brookfield, Nexus Select, Knowledge Realty Trust आदि।
2026 में SM REITs (Small and Medium REITs) की श्रेणी भी शुरू हुई, जिससे छोटे स्तर पर रियल एस्टेट में निवेश का मार्ग खुला है।
इसके अलावा, SEBI ने REITs को इक्विटी वर्ग में पुनर्वर्गीकृत किया है, जिससे म्यूचुअल फंड में REIT निवेश आसान हुआ है।
यदि आप नियमित आय चाहते हैं, कम निवेश से रियल एस्टेट में हिस्सेदारी चाहते हैं, तो REIT एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
लेकिन ध्यान रखें कि यह निवेश जोखिम-मुक्त नहीं है, आपको संपत्ति के प्रकार, प्रबंधन टीम, वितरण इतिहास और बाजार स्थितियों को समझकर ही निर्णय लेना चाहिए।
(डिस्क्लेमरः यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है, व्यक्तिगत वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं। निवेश से पूर्व किसी प्रमाणित सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)