Patrika+

क्या आपने स्मार्ट मीटर लगाया? जानिए इससे कैसे बच सकते हैं पैसे!

स्मार्ट मीटर सिर्फ बिजली खपत मापने का उपकरण नहीं, बल्कि बिजली बिल कम करने का प्रभावी माध्यम भी है। जानिए Time-of-Day (ToD) टैरिफ, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, मोबाइल ऐप और सही समय पर उपकरण चलाकर कैसे हर महीने बिजली के बिल में बचत की जा सकती है।
3 min read
Jul 30, 2026
Electricity Bill, ToD Tariff, Power Saving Tips,
प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

घर का बिजली बिल कम करना हर किसी की चाहत होती है, खासकर जब स्मार्ट मीटर ने बिजली खपत को पारदर्शी और नियंत्रित करने का अवसर दिया है। स्मार्ट मीटर केवल मीटर बदलने का नाम नहीं है, बल्कि यह आपके बिजली खर्च पर नियंत्रण और बचत का एक आधुनिक तरीका है।

आइए जानते हैं कि स्मार्ट मीटर से आप कैसे पैसे बचा सकते हैं — और यह आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है।

स्मार्ट मीटर क्या है और यह कैसे काम करता है

स्मार्ट मीटर एक डिजिटल मीटर है, जो रियल‑टाइम में बिजली खपत को रिकॉर्ड करता है और डेटा सीधे बिजली विभाग तथा आपके मोबाइल ऐप तक पहुंचाता है। यह हर 15 मिनट या एक घंटे में बिजली उपयोग का डेटा भेजता है, जिससे आपको पता चलता है कि कौन-सा उपकरण कब कितना बिजली खर्च कर रहा है। इससे पारंपरिक मीटर की तरह मीटर रीडर के आने की आवश्यकता नहीं रहती और बिलिंग में गलतियाँ भी कम होती हैं।

समय‑अनुसार टैरिफ (Time‑of‑Day या ToD): स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी ताकत

केंद्र सरकार ने बिजली (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 में संशोधन कर Time‑of‑Day (ToD) टैरिफ लागू किया है। इसके तहत सौर घंटों (दिन में आठ घंटे, राज्य आयोग द्वारा निर्धारित) में बिजली का टैरिफ सामान्य दर से 10‑20% कम होता है, जबकि पीक समय में यह 10‑20% अधिक हो सकता है।
इस सुविधा का लाभ केवल वही उपभोक्ता उठा सकते हैं, जिनके पास स्मार्ट मीटर है — क्योंकि ToD टैरिफ स्मार्ट मीटर लगते ही लागू हो जाता है।

उदाहरण के लिए, मुंबई में महावितरण के भांडुप क्षेत्र में स्मार्ट मीटर धारकों ने सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच बिजली का उपयोग कर कुल लगभग 11 करोड़ रुपये की बचत की है। यह बचत सीधे उस समय की सस्ती दरों का लाभ उठाने से संभव हुई है।

रियल‑टाइम मॉनिटरिंग और ऐप की मदद से बचत

स्मार्ट मीटर से जुड़ी मोबाइल ऐप आपको अपनी खपत का रियल‑टाइम डेटा दिखाती है - पिछले महीने की खपत, इस महीने की वर्तमान खपत और अनुमानित खपत की जानकारी। इससे आप समझ सकते हैं कि महीने के अंत तक आपकी खपत कितनी होगी और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते बिजली उपयोग घटा सकते हैं।

ऐप में बजट लिमिट सेट करने का फीचर भी होता है, विशेषकर प्रीपेड मीटर में। आप रोजाना या मासिक बजट तय कर सकते हैं, और जैसे ही आप उस सीमा के करीब पहुंचते हैं, ऐप आपको अलर्ट भेजती है। इससे बिजली कटने या बिल बढ़ने की स्थिति से बचा जा सकता है।

स्टैंडबाय लोड और भारी उपकरणों का समय‑समय पर उपयोग

स्मार्ट मीटर से पता चलता है कि कौन‑से उपकरण बंद होने के बाद भी बिजली खर्च कर रहे हैं — जैसे टीवी, चार्जर, माइक्रोवेव आदि। इन्हें प्लग से निकालने से स्टैंडबाय बिजली बचती है।

इसके अलावा, भारी उपकरण जैसे वॉशिंग मशीन, गीजर या मोटर को उस समय चलाना जब बिजली का चार्ज कम हो (ToD के सौर घंटों में) — यह बिल कम करने का एक और प्रभावी तरीका है।

स्मार्ट मीटर के अन्य फायदे

स्मार्ट मीटर से बिजली विभाग को पावर कट या तकनीकी खराबी की जानकारी तुरंत मिल जाती है, जिससे समस्या का समाधान तेज़ी से होता है।
इसके अलावा, यह चोरी रोकने और सही बिलिंग सुनिश्चित करने में भी मदद करता है।

स्मार्ट मीटर से बचत के मुख्य तरीके

  • समय‑अनुसार सस्ती दरों (ToD) का लाभ उठाएँ।
  • मोबाइल ऐप से रियल‑टाइम खपत देखें और बजट सेट करें।
  • स्टैंडबाय लोड को समाप्त करें और भारी उपकरण सस्ते समय में चलाएँ।
  • मीटर से जुड़ी सुविधाओं जैसे अलर्ट और चोरी रोकने की क्षमता का उपयोग करें।

अगला कदम

यदि आपके घर में स्मार्ट मीटर नहीं है, तो बिजली विभाग से संपर्क कर इसे लगवाने की प्रक्रिया जानें। यह सुविधा आपके बिजली बिल को पारदर्शी बनाएगी और बचत के नए रास्ते खोलेगी।

ध्यान रखें: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। अगर स्मार्ट मीटर के बिल में गड़बड़ी होती है तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी से करें।

Updated on:
30 Jul 2026 12:19 pm
Published on:
30 Jul 2026 12:19 pm