
AI Hiring India: भारत में भी तेजी से बढ़ा है AI Hiring Trend, जॉब की तलाश में हैं, तो जरूर पढ़ें आपके काम की है यह जानकारी। (AI Creative)
AI Hiring India: नौकरी की तलाश में हैं और आवेदन करने जा रहे हैं, तो ध्यान दें हो सकता है कि आपका पहला इंटरव्यू कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से हो। दुनिया भर में कंपनियां अपनी भर्ती प्रक्रिया में तेजी, निष्पक्षता और लागत कम करने के उद्देश्य से AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही हैं। अब केवल रिज्यूमे नहीं, बल्कि आपकी आवाज, आपका जवाब देने का तरीका, समस्या सुलझाने की दक्षता और तकनीकी कौशल भी AI की नजर में आते हैं। भारत में भी आईटी, बैंकिंग, बीपीओ, ई-कॉमर्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) जैसी कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में AI का उपयोग बढ़ा चुकी हैं। भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में AI कैंडिडेट्स की स्क्रीनिंग और मूल्यांकन का अहम हिस्सा बन चुका है। इसके लिए क्या आप तैयार हैं? जरूर पढ़ें आपके काम की खबर…
पहले नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद HR अधिकारी हर रिज्यूमे पढ़ते थे। लेकिन अब कई कंपनियां AI आधारित
एप्लीकेंट ट्रैकिंग सिस्टम (ATS) का उपयोग करती हैं। यह सिस्टम हजारों रिज्यूमे में से नौकरी की जरूरत के मुताबिक योग्य उम्मीदवारों को कुछ ही मिनटों में चुन सकता है। इसके बाद ऑनलाइन असेसमेंट, वीडियो इंटरव्यू या चैटबॉट आधारित बातचीत के जरिए उम्मीदवारों का शुरुआती मूल्यांकन किया जाता है। कई AI टूल्स उम्मीदवार के उत्तर, संचार कौशल, तकनीकी समझ और समस्या समाधान की दक्षता का विश्लेषण करते हैं। हालांकि अंतिम नियुक्ति का निर्णय आज भी कंपनी का आधिकारिक डिपार्टमेंट HR का हायरिंग मैनेजर ही लेते हैं।
भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल टैलेंट हब के रूप में उभर रहा है। आईटी सेवाएं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, फिनटेक, हेल्थटेक और ई-कॉमर्स कंपनियां बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती करती हैं। ऐसे में हजारों-लाखों आवेदनों की स्क्रीनिंग मैन्युअली करना कठिन होता है। इस कठिनाई को आसान करने के लिए ही AI आधारित सिस्टम का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
हेयर व्यू की चीफ डेटा साइंटिस्ट डॉ. लिंडसे जुलो आगा कहती हैं, केवल रिज्यूमे किसी उम्मीद्वार की पूरी क्षमता नहीं बता सकता। इसी वजह से कंपनियां अब स्किल बेस्ड मूल्यांकन पर ज्यादा जोर दे रही हैं। उन्होंने यह बात कंपनी की ग्लोबल गाइड टू एआई इन हायरिंग रिपोर्ट 2025 जारी करते हुए कही थी।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 2025 की रिपोर्टबताती है कि भारत में AI, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल स्किल्स वाले पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। कई कंपनियां अब डिग्री से ज्यादा उनकी स्किल्ड और लर्निंग पावर को इंपोर्टेंस दे रही हैं।
अब यही रुझान डेलोइट इंडिया की हालिया 'Future of Work and People Analytics Maturity-The Indian Story' रिपोर्ट 2026 में भी दिखता है। रिपोर्ट के मुताबिक 43% भारतीय कंपनियां AI आधारित वर्कफोर्स एनालिटिक्स के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं। आधे से ज्यादा संगठनों ने HR और भर्ती प्रक्रियाओं में AI का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वहीं 76% कंपनियां भविष्य की स्किल्स की पहचान कर कर्मचारियों को री-स्किल और अप-स्किल करने पर काम कर रही हैं। इससे साफ है कि कंपनियां अब केवल ज्यादा भर्ती नहीं, बल्कि AI और डेटा बेस्ड स्पेशल स्किल्ड कर्मचारियों की भर्ती को प्राथमिकता दे रही हैं।
एक्सपर्ट्स की मानें तो ऐसा फिलहाल तो संभव नहीं है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का कहना है कि 'भविष्य की भर्ती पूरी तरह AI पर नहीं, बल्कि AI और इंसानों की साझेदारी पर आधारित होगी। AI तेजी से डेटा का विश्लेषण कर सकता है, लेकिन किसी उम्मीदवार के व्यक्तित्व, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक संस्कृति से मेल खाने जैसे पहलुओं का अंतिम मूल्यांकन अब भी इंसान ही बेहतर ढंग से कर सकता है।
हालांकि AI बेस्ड भर्ती प्रक्रिया विवादों से भी घिरी है। कुछ अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में यह चिंता जताई गई है कि यदि AI सिस्टम को पक्षपाती डेटा के रूप में ट्रेंड किया गया हो, तो वह कुछ कैंडिडेट्स के साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं कर सकता। ऐसे में अलग-अलग उच्चारण, भाषा शैली या सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले कैंडिडेट्स का मूल्यांकन चुनौतिपूर्ण हो सकता है। यही वो कारण है कि एक्सपर्ट्स लगातार यह सलाह देते हैं कि AI का उपयोग सख्त मानवीय निगरानी में किया जाना चाहिए।
यदि आप आने वाले समय में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले हैं, तो AI Hiring के चलते आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी हो गया है।
क्योंकि AI Hiring Trend इसलिए नहीं दिख रहा कि कंपनियों को बहुत बड़ी संख्या में कर्मचारी रखने हैं, बल्कि कंपनियां अब टेक्नो स्किल्ड डाटा बेस्ड और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रिक्रूटमेंट करना चाहती हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटलाइज्ड होगी और स्किल बेस्ड भी। AI शुरुआती चरण में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करेगा, लेकिन अंतिम निर्णय लेने वाले खुद HR के बंदे ही होंगे।
ध्यान देना होगा कि नौकरी का भविष्य अब केवल आपकी डिग्री पर निर्भर नहीं रहेगा। बदलते दौर में वही कैंडिडेट्स तरक्की की सीढ़ियां चढ़ेंगे, जो नई तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट करेंगे, प्रैक्टिकल स्किल डेवलप करेंगे और बदलती भर्ती प्रक्रिया को समझकर तैयारी करेंगे। ऐसी ही रोचक और जरूरी खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ और पढ़ते रहिए patrika.com.
Updated on:
30 Jul 2026 12:31 pm
Published on:
30 Jul 2026 12:30 pm
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