
बारिश के साथ पहाड़ों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हर साल आम होती जा रही हैं। इन आपदाओं ने न केवल जानमाल का भारी नुकसान किया है, बल्कि विकास की गति को भी धीमा कर दिया है। आइए, पिछले दस वर्षों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से हुए आर्थिक नुकसान और उसके प्रभावों पर एक नजर डालते हैं।
2025 में उत्तराखंड में बाढ़ और हिमस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल आर्थिक प्रभाव लगभग ₹15,103.52 करोड़ रहा, जिसमें प्रत्यक्ष नुकसान ₹3,792.38 करोड़, अन्य नुकसान ₹312.19 करोड़ और पुनर्वास व पुनर्निर्माण के लिए ₹10,998.95 करोड़ शामिल थे। इसके अलावा, 2025 की फ्लैश फ्लड की घटना 5 अगस्त को उत्तरकाशी मेंने भी भारी तबाही मचाई, हालांकि इसका आर्थिक आंकड़ा अभी तक सामने नहीं आ पाया है। पिछले दस वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से उत्तराखंड में लगभग 3,500 लोगों की जान गई, जिनमें से 389 मौतें केवल बाढ़ के कारण हुईं।
हिमाचल प्रदेश में 2023 और 2024 की मानसून आपदाओं ने भारी आर्थिक और मानवीय क्षति पहुंचाई। वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में जान-माल का नुकसान व्यापक था। इसमें 428 मौतें, 6,432 जानवरों की मृत्यु, 10,150 पोल्ट्री पक्षियों की हानि, और संरचनात्मक नुकसान ₹557.44 करोड़ का था। वहीं 2024 में जान-माल का नुकसान कम था। इस वर्ष 318 मौतें, पशु हानि ₹0.49 करोड़, संरचनात्मक नुकसान ₹23.29 करोड़ का हुआ। सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत पर अनुमानित खर्च ₹3,000 करोड़ से अधिक रहा। इसके अलावा, 2023 की आपदाओं में हिमाचल प्रदेश को लगभग $1.42 बिलियन (करीब ₹11,800 करोड़) का संपत्ति नुकसान हुआ, जो पिछले पांच वर्षों के नुकसान से भी अधिक था।
देशभर में 2020 से 2025 तक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कुल आर्थिक नुकसान लगभग ₹1,60,000 करोड़ रहा। इस अवधि में पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भी भारी नुकसान हुआ, जिसमें सड़कें, पुल, घर और अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुईं।
वर्ष 2023–2025 में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से नुकसान
| राज्य | वर्ष | अनुमानित आर्थिक नुकसान (₹ करोड़) | प्रमुख घटक |
|---|---|---|---|
| उत्तराखंड | 2025 | 15,103.52 | प्रत्यक्ष, अन्य, पुनर्वास व पुनर्निर्माण |
| हिमाचल प्रदेश | 2023 | ~11,800 (USD में $1.42 बिलियन) | संपत्ति नुकसान |
| हिमाचल प्रदेश | 2023–24 | संरचनात्मक व पशु नुकसान ₹557.44 + ₹0.49 करोड़; मरम्मत ₹3,000 करोड़+ |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और संबंधित आपदाओं ने पिछले दशक में भारी आर्थिक और मानवीय क्षति पहुंचाई है। उत्तराखंड में 2025 की आपदाओं ने अकेले ही ₹15,000 करोड़ से अधिक का नुकसान किया, जबकि हिमाचल प्रदेश ने 2023 में एक ही वर्ष में $1.42 बिलियन (करीब ₹11,800 करोड़) का संपत्ति नुकसान झेला। दोनों राज्यों में बुनियादी ढांचे, कृषि, आवास और मानव जीवन पर गहरा असर पड़ा है।
इन पहाड़ी राज्यों में आपदा जोखिम को कम करने के लिए सतत और संवेदनशील विकास की आवश्यकता है। बेहतर बाढ़ पूर्वानुमान, पर्यावरण के अनुकूल निर्माण और आपदा-प्रबंधन तंत्र को मजबूत करना अब समय की मांग है। पाठकों के लिए यह समझना जरूरी है कि ये आंकड़े केवल बीते नुकसान का हिसाब नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी का आधार भी हैं।