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अप्रेंटिसशिप क्या है? पढ़ाई के साथ कमाई कैसे करें, जानिए पूरी प्रक्रिया

What is Apprenticeship : अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) क्या है? जानिए 10वीं, ITI, डिप्लोमा और ग्रेजुएट छात्र पढ़ाई के साथ कमाई कैसे करें। ट्रेनिंग अवधि, स्टाइपेंड और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।
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Aug 02, 2026
what is apprenticeship
what is apprenticeship : क्या होती है अप्रेंटिसशिप।

आज के समय में सिर्फ डिग्री होना ही नौकरी की गारंटी नहीं है। कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी हो। ऐसे में अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) छात्रों और युवाओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसके तहत उम्मीदवार किसी कंपनी, उद्योग या सरकारी संस्थान में काम सीखते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करता है और साथ ही उसे हर महीने स्टाइपेंड भी मिलता है।

अप्रेंटिसशिप एक प्रशिक्षण व्यवस्था है, जिसमें युवाओं को किसी उद्योग, कंपनी या संस्थान में वास्तविक कार्यस्थल पर काम सीखने का मौका दिया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु (Apprentice) को स्टाइपेंड दिया जाता है, लेकिन वह संस्थान का नियमित कर्मचारी नहीं माना जाता।

कौन-कौन छात्र आवेदन कर सकते हैं?

अप्रेंटिसशिप के लिए अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसमें 10वीं पास, 12वीं पास, ITI धारक, डिप्लोमा छात्र, इंजीनियरिंग और अन्य विषयों के ग्रेजुएट शामिल हैं। पात्रता संबंधित संस्था या कंपनी की भर्ती अधिसूचना के अनुसार तय होती है।

10वीं, 12वीं, ITI, डिप्लोमा और ग्रेजुएट के लिए क्या अवसर हैं?

देश की कई सरकारी और निजी कंपनियां अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अप्रेंटिसशिप के अवसर देती हैं।

  • 10वीं और 12वीं पास युवाओं के लिए ट्रेड आधारित प्रशिक्षण
  • ITI उम्मीदवारों के लिए तकनीकी ट्रेडों में अप्रेंटिसशिप
  • डिप्लोमा धारकों के लिए तकनीकी और सुपरवाइजरी प्रशिक्षण
  • ग्रेजुएट और इंजीनियरिंग छात्रों के लिए उन्नत तकनीकी एवं प्रबंधन क्षेत्र में अवसर

रेलवे, भेल, एनटीपीसी, ओएनजीसी, पावर कंपनियां, ऑटोमोबाइल कंपनियां और कई निजी उद्योग नियमित रूप से अप्रेंटिस भर्ती निकालते हैं।

स्टाइपेंड कितना मिलता है?

अप्रेंटिसशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड संस्थान, योग्यता और ट्रेड के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सामान्यतः यह कुछ हजार रुपये से लेकर 15,000 रुपये या उससे अधिक प्रतिमाह तक हो सकता है। कई प्रतिष्ठित संस्थानों में इससे अधिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है।

आवेदन कहां और कैसे करें?

अधिकांश सरकारी अप्रेंटिसशिप भर्तियां राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टलों के माध्यम से होती हैं। उम्मीदवार ऑनलाइन पंजीकरण कर उपलब्ध अवसरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कई निजी कंपनियां भी अपनी वेबसाइट पर अप्रेंटिस भर्ती की जानकारी जारी करती हैं।

ट्रेनिंग की अवधि कितनी होती है?

अप्रेंटिसशिप की अवधि ट्रेड और संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर यह 6 महीने से 2 वर्ष तक होती है। कुछ तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण अवधि अधिक भी हो सकती है।

अप्रेंटिस और नियमित कर्मचारी में क्या अंतर है?

अप्रेंटिस का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है, जबकि नियमित कर्मचारी संस्था का स्थायी या संविदा कर्मी होता है।

अप्रेंटिसनियमित कर्मचारी
प्रशिक्षण प्राप्त करता हैनियमित कार्य करता है
स्टाइपेंड मिलता हैवेतन मिलता है
सीमित अवधि का प्रशिक्षणनौकरी की शर्तों के अनुसार नियुक्ति
कर्मचारी लाभ सीमितसेवा नियमों के अनुसार लाभ

क्या अप्रेंटिसशिप के बाद नौकरी की गारंटी होती है?

नहीं। अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद नौकरी की कानूनी गारंटी नहीं होती। हालांकि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव और कौशल के कारण रोजगार मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कई कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को बाद में नौकरी के अवसर भी देती हैं।

सरकारी और निजी क्षेत्र में क्या अवसर हैं?

  • भारतीय रेलवे
  • NTPC
  • BHEL
  • ONGC
  • HAL
  • GAIL
  • विभिन्न सरकारी उपक्रम (PSUs)
  • ऑटोमोबाइल कंपनियां
  • मैन्युफैक्चरिंग उद्योग
  • आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियां
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर
  • ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां

छात्रों के लिए इसके क्या फायदे हैं?

अप्रेंटिसशिप युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर देती है। इससे उद्योग की कार्यप्रणाली समझने, तकनीकी कौशल विकसित करने और रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है।

Updated on:
02 Aug 2026 12:29 pm
Published on:
02 Aug 2026 12:29 pm