
आज के समय में सिर्फ डिग्री होना ही नौकरी की गारंटी नहीं है। कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देती हैं जिनके पास पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी हो। ऐसे में अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) छात्रों और युवाओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसके तहत उम्मीदवार किसी कंपनी, उद्योग या सरकारी संस्थान में काम सीखते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करता है और साथ ही उसे हर महीने स्टाइपेंड भी मिलता है।
अप्रेंटिसशिप एक प्रशिक्षण व्यवस्था है, जिसमें युवाओं को किसी उद्योग, कंपनी या संस्थान में वास्तविक कार्यस्थल पर काम सीखने का मौका दिया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु (Apprentice) को स्टाइपेंड दिया जाता है, लेकिन वह संस्थान का नियमित कर्मचारी नहीं माना जाता।
अप्रेंटिसशिप के लिए अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसमें 10वीं पास, 12वीं पास, ITI धारक, डिप्लोमा छात्र, इंजीनियरिंग और अन्य विषयों के ग्रेजुएट शामिल हैं। पात्रता संबंधित संस्था या कंपनी की भर्ती अधिसूचना के अनुसार तय होती है।
देश की कई सरकारी और निजी कंपनियां अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अप्रेंटिसशिप के अवसर देती हैं।
रेलवे, भेल, एनटीपीसी, ओएनजीसी, पावर कंपनियां, ऑटोमोबाइल कंपनियां और कई निजी उद्योग नियमित रूप से अप्रेंटिस भर्ती निकालते हैं।
अप्रेंटिसशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड संस्थान, योग्यता और ट्रेड के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सामान्यतः यह कुछ हजार रुपये से लेकर 15,000 रुपये या उससे अधिक प्रतिमाह तक हो सकता है। कई प्रतिष्ठित संस्थानों में इससे अधिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है।
अधिकांश सरकारी अप्रेंटिसशिप भर्तियां राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टलों के माध्यम से होती हैं। उम्मीदवार ऑनलाइन पंजीकरण कर उपलब्ध अवसरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कई निजी कंपनियां भी अपनी वेबसाइट पर अप्रेंटिस भर्ती की जानकारी जारी करती हैं।
अप्रेंटिसशिप की अवधि ट्रेड और संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर यह 6 महीने से 2 वर्ष तक होती है। कुछ तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण अवधि अधिक भी हो सकती है।
अप्रेंटिस का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है, जबकि नियमित कर्मचारी संस्था का स्थायी या संविदा कर्मी होता है।
| अप्रेंटिस | नियमित कर्मचारी |
|---|---|
| प्रशिक्षण प्राप्त करता है | नियमित कार्य करता है |
| स्टाइपेंड मिलता है | वेतन मिलता है |
| सीमित अवधि का प्रशिक्षण | नौकरी की शर्तों के अनुसार नियुक्ति |
| कर्मचारी लाभ सीमित | सेवा नियमों के अनुसार लाभ |
नहीं। अप्रेंटिसशिप पूरी करने के बाद नौकरी की कानूनी गारंटी नहीं होती। हालांकि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव और कौशल के कारण रोजगार मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। कई कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को बाद में नौकरी के अवसर भी देती हैं।
अप्रेंटिसशिप युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर देती है। इससे उद्योग की कार्यप्रणाली समझने, तकनीकी कौशल विकसित करने और रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है।