
India Women Leaders 2026: अगर 15 साल पहले किसी से पूछा जाता कि भारत की सबसे प्रभावशाली कारोबारी हस्तियां कौन हैं, तो ज्यादातर नाम पुरुषों के ही सामने आते...लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। देश की कई बड़ी कंपनियों, बैंकों, टेक कंपनियों, अस्पताल समूहों, स्टार्टअप और सामाजिक संस्थाओं का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।
यही बदलाव 'कैंडेरे हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स 2026' की सूची में भी दिखाई देता है। यह सूची नेतृत्व, कारोबार, संपत्ति सृजन, सामाजिक प्रभाव, निवेश और नवाचार जैसे मानकों पर महिलाओं के योगदान को सामने लाती है। रिपोर्ट में विभिन्न श्रेणियों में 97 प्रमुख महिलाओं को शामिल किया गया है, जो भारत की बदलती नेतृत्व संस्कृति के बारे में बताती हैं।
एक दशक पहले महिला नेतृत्व मुख्य रूप से बैंकिंग, शिक्षा और कुछ चुनिंदा पारिवारिक कारोबारी समूहों तक सीमित माना जाता था। इसके बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कॉरपोरेट गवर्नेंस में विविधता पर जोर ने महिलाओं के लिए नए अवसर खोले।
आज महिलाएं केवल कंपनियों की निदेशक होने के साथ ही अरबों रुपये के कारोबार का नेतृत्व कर रही हैं, नई कंपनियां बना रही हैं, निवेश कर रही हैं और लाखों लोगों के रोजगार व उपभोक्ता बाजार को प्रभावित कर रही हैं। हुरुन की सूची में भी पेशेवर नेतृत्व, पहली पीढ़ी की उद्यमी, निवेशक, परोपकारी, युवा नेता और डिजिटल प्रभावशाली महिलाओं जैसी कई श्रेणियां शामिल हैं।
भारत के डिजिटल परिवर्तन में महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ी है। HCLTech की रोशनी नाडर मल्होत्रा, Zoho की राधा वेम्बू जैसी हस्तियां दिखाती हैं कि टेक सेक्टर में महिलाएं प्रबंधन के साथ रणनीतिक नेतृत्व भी संभाल रही हैं।
महिला नेतृत्व सबसे मजबूत क्षेत्रों में बैंकिंग शामिल है। कोटक महिंद्रा बैंक की शांति एकंबरम जैसी पेशेवर लीडर्स ने डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय समावेशन में अहम भूमिका निभाई है। हुरुन सूची में वित्तीय सेवाएं सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला क्षेत्र रही हैं।
बायोकॉन की किरण मजूमदार-शॉ, अपोलो हॉस्पिटल्स समूह से जुड़ी प्रीथा रेड्डी और सुनीता रेड्डी जैसी नेताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं और बायोटेक उद्योग को नई दिशा दी है। महामारी के बाद इस क्षेत्र में महिला नेतृत्व और मजबूत हुआ है।
आज महिलाएं नौकरी के साथ नई कंपनियां भी खड़ी कर रही हैं। राधा वेम्बू, फाल्गुनी नायर और कई युवा उद्यमियों ने यह साबित किया है कि भारत में महिला उद्यमिता तेजी से आगे बढ़ रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने नई पीढ़ी की महिला उद्यमियों को नई पहचान दी है। कंटेंट, फैशन, फाइनेंस और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में कई महिला इन्फ्लुएंसर अब सफल व्यवसाय भी चला रही हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसी नेता यह दिखाती हैं कि आर्थिक नीतियों और राष्ट्रीय वित्तीय निर्णयों में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। विभिन्न प्रभावशाली महिला सूचियों में सार्वजनिक नीति को भी प्रमुख स्थान मिला है।
खेल जगत की कई महिला खिलाड़ी भारत के लिए पदक तो जीत ही रही हैं, साथ ही ब्रांड, निवेश और सामाजिक अभियानों का भी नेतृत्व कर रही हैं। इससे खेल क्षेत्र में महिला नेतृत्व का दायरा पहले से कहीं बड़ा हुआ है।
हालांकि बदलाव आया है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग, भारी उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और पारंपरिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इन क्षेत्रों में वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन गति अभी भी अपेक्षाकृत धीमी है। आने वाले वर्षों में यह अंतर कम हो सकता है, क्योंकि कंपनियां महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही हैं।
कैंडेरे हुरुन इंडिया वुमन लीडर्स सूची बताती है कि भारत में महिला नेतृत्व अब केवल कुछ बड़े कारोबारी घरानों तक सीमित नहीं है। सूची में पेशेवर प्रबंधक, पहली पीढ़ी की उद्यमी, निवेशक, समाजसेवी, कलाकार, युवा संस्थापक और डिजिटल उद्यमी सभी शामिल हैं। यह संकेत है कि महिलाओं का प्रभाव अब अर्थव्यवस्था के लगभग हर हिस्से तक पहुंच चुका है।
फॉर्च्यून इंडिया की 2026 की 'मोस्ट पावरफुल वुमन' सूची भी इसी बदलाव की पुष्टि करती है। इसमें व्यापार, वित्त, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, सार्वजनिक नीति और मनोरंजन सहित कई क्षेत्रों की 100 प्रभावशाली महिलाओं को शामिल किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में महिलाओं के लिए सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्र होंगेः