पीलीभीत

115वें सालाना उर्स शरीफ का कुल शरीफ के साथ समापन

बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने कुल शरीफ में शिरकत कर शाहजी मियां केे वसीलेे से दुआएं मांगीं।

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Aug 19, 2018
115वें सालाना उर्स शरीफ का कुल शरीफ के साथ समापन

पीलीभीत। कुतुब ए पीलीभीत हजरत शाहजी मोहम्मद शेर मियां के 115वें सालाना उर्स शरीफ का कुल शरीफ के साथ समापन हो गया। बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने कुल शरीफ में शिरकत कर शाहजी मियां केे वसीलेे से दुआएं मांगीं। दरगाह से दूसरों की भलाई और बेहतरी करने का पैगाम देने के साथ ही मुल्क में अमन भाईचारा और तरक्की के लिए दुआ की गई। सज्जादानशीन ने दुआ की अहमियत बताते हुए कहा कि नबियों और वलियों के वसीले से दुआ करने से हर मुश्किल आसान होती है। सड़कों से लेकर दरगाह के आसपास के मोहल्लों की छतों से भी जायरीन दुआ के लिए हाथ उठाए दिखाई दिए। लगभग तीन से चार लाख मुरीदें शाहजी मौजूद रहे।

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सुबह फज्र की नमाज के बाद दरगाह शरीफ पर कुरआन ख्वानी, हलका और शजरा पढ़ने के बाद पहले कुल शरीफ की फातेहा की गई। इसके बाद दरगाह शरीफ पर जायरीन ने हाजिरी देकर गुलपोशी की। जैसे-जैसे कुल शरीफ का समय नजदीक आता गया, अकीदतमंदों का सैलाब दरगाह की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर उमड़ने लगा। कुल शुरू होने से करीब एक घंटा पहले ही दरगाह पहुंचने वाले सभी रास्ते अकीदतमंदों की भारी भीड़ से खचाखच भर गए। ठीक सुबह 10 बजे बड़े कुल शरीफ की रस्म नात-ओ-मनकबत के साथ शुरू हुई। दूरदराज से आए लोगों ने नजराना-ए-अकीदत पेश किए। दरगाह की परंपरागत मीलाद हुई। अपने अपने अंदाज में कलाम पेश किए। इसके बाद शजरा पढ़ा गया। कुरआन पाक की आयतें करीमा की तिलावत हुई।

सज्जादानशीन हजरत अलहाज मुन्ने मियां शेरी ने लोगों को पैगाम देते हुए कहा कि अल्लाह तआला अपने बंदों से कहता है कि तुम मेरा जिक्र करो, मैं तुम्हारी फिक्र करूंगा। नबियों और वलियों से यही पैगाम हम तक पहुंचा है, इसलिए अल्लाह का जिक्र करते रहो, इसी में भलाई है। इसी में तरक्की और कामयाबी है। उन्होंने कहा कि शाहजी मियां हुजूर का भी यही पैगाम रहा। उन्होंने जिस तरह अल्लाह की इबादत और मां की खिदमत की, उन्हें अल्लाह ने न सिर्फ वली बल्कि पीलीभीत का कुतुब बना दिया। उन्होंने कहा कि नेक रास्ता अपनाओ, वलियों से मोहब्बत रखो और इस्लाम के उसूलों पर पाबंद रहो। वलियों और नबियों के वसीले से दुआ मांगो तो हर मुश्किल आसान होगी। तरक्की भी मिलेगी और कामयाबी भी। कुल शरीफ की रस्म पूरी होने के बाद जायरीन को तबर्रुक बांटा गया।

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Published on:
19 Aug 2018 07:45 pm
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