
नई दिल्ली। केंद्रीय न्याय और सशक्तिकरण राज्य मंत्री रामदास अठावले अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। एक बार फिर अठावले अपने एक बयान के लिए चर्चा में हैं। रामदास अठावले ने कहा है कि सरकारी नौकरियों में 50 से 75 प्रतिशत आरक्षण कर देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि 'अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी को दिया गया आरक्षण 50 प्रतिशत पर बरकरार रखना चाहिए। बता दें कि अठावले ने आगे कहा कि देश में कई ऐसी जातियां हैं जो आरक्षण का मांग कर रही हैं। इसलिए सामान्य वर्ग के 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत आरक्षण ऐसे जातियों के लिए होना चाहिए। अठावले ने आगे कहा कि दिव्यांगों को मिलने वाला चार प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर पांच प्रतिशत करने का प्रयास किया जा रहा है।
अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए सहायता राशि बढ़ानी चाहिए
आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार को अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए सहायता राशि 50,000 रुपए से बढ़ाककर 1 लाख रुपए कर देना चाहिए। मौजूदा समय में केंद्र सरकार अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए 2.50 लाख रुपए देती है। बता दें कि अठावले ने आगे कहा कि भाजपा सरकार दलित विरोधी नहीं है। एससी-एसटी एक्ट को दुरुपयोग करने के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि एससी-एसटी समुदाय के लोगों की मदद के लिए बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अधिनियम सवर्णों के लिए भी नहीं है। इसलिए हमसबको समाज में एकसाथ मिलकर रहना चाहिए।