राजधानी में आम आदमी पार्टी और उपराज्यपाल के बीच चल रही खींचतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
नई दिल्ली। राजधानी में आम आदमी पार्टी और उपराज्यपाल के बीच चल रही खींचतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि एलजी दिल्ली में कोई भी फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि एलजी को केबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा। वहीं दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कोर्ट के फैसले को एतिहासिक बताया है। सिसोदिया ने कहा कि फैसला चुनी हुई सरकार के पक्ष में आया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि लोकतंत्र में जनता को अधिकार है। अब दिल्ली में एलजी की मनमानी नहीं चलेगी।
कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से बात कर रहे मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह लोकतंत्र और दिल्ली की जतना की बड़ी जीत है। दिल्ली में सत्ता चुनी हुई सरकार की है और चुनी हुई सरकार ही सत्ता चलाएगी। उन्होंने यह भी कि कानून बनाना दिल्ली सरकार का ही अधिकार है। अब एलजी को केबिनेट का फैसला मानना होगा। सिसोदिया ने कहा कि अब फाइलें एलजी के पास नहीं भेजी जाएंगी और ट्रांसफर पोस्टिंग दिल्ली सरकार ही करेगी।
ताकत चाहती है केजरीवाल सरकार
बता दें कि केजरीवाल सरकार लगातार दिल्ली में अपनी ताकत चाहती है। केजरीवाल की माने तो एलजी को दिए गए कई सारे अधिकार दिल्ली के विकास में रोड़ा बन रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में कई बार दखल देने की बात कही लेकिन फायदा नहीं हुआ। हालांकि मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद अब सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। आज फैसला हो जाएगा कि दिल्ली पर किसकी हुकूमत चलेगी।