राजनीति

अमित शाह-अजीत डोभाल की मुलाकात के बाद टूटा कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन, उठे गंभीर सवाल

असदुद्दीन ओवैसी ने भी सवाल उठाए है कि एनएसए किसी राजनीतिक पार्टी के मुखिया से क्यों मिलते हैं।

2 min read
पीडीपी

नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मुलाकात से राजनीति गरमा गई है। इस मुलाकात के तुरंत बाद बीजेपी ने जम्मू कश्मीर में पीडीपी से समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर शाह और डोभाल की बीच ऐसी क्या चर्चा हुई, जिसके बाद बीजेपी ने इतना बड़ा फैसला कर लिया।

शाह और डोभाल के बीच हुई मुलाकात
जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी के बीच जारी राजनैतिक गतिरोध के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की बैठक हुई। खबर है कि इस मुलाकात में डोभाल से कश्मीर की स्थिति और ऑपरेशन आल आउट पर चर्चा हुई। इसके बाद बीजेपी महासचिव राममाधव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि अब कश्मीर में पीडीपी के साथ बने रहना मुश्किल है। इसलिए हम गठबंधन से अलग होकर घाटी में राज्यपाल शासन की मांग करते हैं।

ये भी पढ़ें

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिले एनएसए अजीत डोभाल, कश्मीर में सीजफायर और आतंकवाद पर हुई चर्चा

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश के तमाम संवैधानिक पदों पर विराजमान लोगों को अपनी पार्टी का कार्यकर्ता समझ लिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहदुल मुसलिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि एनएसए किसी राजनीतिक पार्टी के मुखिया से क्यों मिलते हैं।

सत्तारूढ़ पार्टी को मुखिया से क्यों मिलें एनएसए: असदुद्दीन ओवैसी

शाह और डोभाल की मुलाकात के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम जानना चाहते हैं और देश भी जानना चाहता है कि एनएसए किसी राजनीतिक पार्टी के मुखिया से क्यों मिलते हैं। आखिर क्यों एनएसए सिर्फ देश में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख से मिलते हैं। वो दूसरे पार्टियों से क्यों नहीं मुलाकात करते हैं।

किस हक से जानकारी मांगते हैं शाह

विपक्ष का आरोप है कि अमित शाह न तो मोदी सरकार में किसी पद पर हैं और न ही किसी अन्य महत्वपूर्ण सरकारी पद पर आसीन हैं। ऐसे में वह किस हक से कश्मीर के अंदरूनी हालात की जानकारी ले रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि एक के बाद एक मोदी सरकार संवैधानिक पदों की मर्यादा को समाप्त करती जा रही है।

सीजफायर पर बीजेपी-पीडीपी में दो फाड़

बता दें कि जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार की ओर से सीजफायर खत्म करने की घोषणआ के बाद बीजेपी और पीडीपी गठबंधन में विवाद बढ़ गया है। एक ओर जहां पीडीपी घाटी में सीजफायर जारी रखना चाहती है कि तो दूसरी ओर बीजेपी का मानना है कि सीजफायर की वजह से आतंकियों के हौंसले बढ़ रहे हैं और वो घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसके बाद जम्मू कश्मीर में बीजेपी ने महबूबा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया।

ये भी पढ़ें

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान, कहा- जम्मू-कश्मीर में अगला सीएम हमारा होगा
Updated on:
19 Jun 2018 03:07 pm
Published on:
19 Jun 2018 02:35 pm
Also Read
View All