
नई दिल्ली। एनआरसी पर टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी सहित सभी विपक्षी दलों के सख्त तेवर को देखते हुए भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। आज असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने एनआरसी को देश भर में लागू करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि एनआरसी ऐतिहासिक दस्तावेज है। यह घुसपैठियों को नियंत्रित करने का अब तक का सबसे प्रभावी जरिया है। इससे देश भर में गैर कानूनी तरीके से घुस आए लोगों की धड़-पकड़ और उन्हें वापस भेजना संभव हो पाएगा।
घुसपैठिए हमें मंजूर नहीं
मोदी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने भी बुधवार को संसद पहुंचते ही अवैध घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अवैध घुसपैठिए हमें मंजूर नहीं हैं। उनको देश छोड़कर बाहर जाना ही पड़ेगा। अनंत कुमार का कहना है कि घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए असम समझौता 1985 में राजीव गांधी ने किया था। लालकिले से उन्होंने ऐलान किया था कि हमने ऐतिहासिक समझौता किया है और कहा कि इस समझौते के प्रावधानों के अनुरूप हम घुसपैठियों को बाहर कर देंगे।
इंदिरा गांधी भी थीं एनआरसी की पक्षधर
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने भी कई बार अपने भाषणों में अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने का जिक्र किया था। लेकिन आज की कांग्रेस अवैध घुसपैठिए के पक्ष में है। यानी कि आज की कांग्रेस राजीव गांधी ने जो असम एकॉर्ड किया था उसके खिलाफ है। यह कांग्रेस के वैचारिक परंपरा के भी खिलाफ है। कुमार ने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और बाकी विपक्ष को सदन में बताना चाहिए कि वे अवैध घुसपैठियों के साथ हैं या उनके खिलाफ हैं। अनंत कुमार का कहना है कि असम में अवैध घुसपैठियों को लेकर कई साल तक आंदोलन चला। राजीव गांधी ने जो असम एकॉर्ड किया था, एनआरसी उस का सेंटर पॉइंट था। इसलिए कांग्रेस को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।