8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

निकाय चुनाव से पहले भाजपा का नया प्लान, दिवाली मिलन के जरिए मतदाताओं तक पहुंचेगी पार्टी, जानें पूरा समीकरण

Chhattisgarh BJP Election Strategy: छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी दिवाली मिलन कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Khyati Parihar

•

image

संतराम साहू

•

Updated: 8 Nov 2026, 8:29 AM IST

BJP

बीजेपी (Photo: IANS/File)

रायपुर@ संतराम साहू। BJP Urban Body Elections: प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। चुनावी तैयारियों के बीच अब दिवाली मिलन कार्यक्रमों को भी राजनीतिक संपर्क और जनसंवाद के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। निकाय चुनाव के प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में दिवाली मिलन के जरिए मतदाताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का प्रयास है कि चुनावी माहौल बनने से पहले ही स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाई जाए और लोगों के बीच संवाद का सिलसिला मजबूत हो।

प्रभारियों से नियमित फीडबैक

भाजपा संगठन निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रभारियों से नियमित फीडबैक भी ले रहा है। हर सप्ताह होने वाली समीक्षा में संबंधित निकायों की राजनीतिक स्थिति, संगठन की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी ली जा रही है। जिन निकायों में संगठन की स्थिति कमजोर बताई जा रही है, वहां अपेक्षाकृत अधिक समय देने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर है।

एंटी इन्कम्बेंसी दूर करने पर मंथन

निकाय चुनाव में भाजपा के सामने स्थानीय स्तर पर सत्ता विरोधी नाराजगी और जनप्रतिनिधियों के कामकाज को लेकर उठने वाले सवाल भी अहम मुद्दे हो सकते हैं। ऐसे में पार्टी समय रहते एंटी इन्कम्बेंसी से जुड़े मुद्दों की पहचान करने और उनका समाधान तलाशने की रणनीति पर काम कर रही है। स्थानीय कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेकर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि किन क्षेत्रों में जनता की नाराजगी है और उसके पीछे क्या कारण हैं।

कमजोर निकायों में बढ़ेगी संगठन की सक्रियता

पार्टी की रणनीति के तहत सभी निकायों को एक ही नजरिए से देखने के बजाए क्षेत्रवार समीक्षा की जा रही है। जहां संगठन मजबूत है, वहां मौजूदा संपर्क और गतिविधियों को बनाए रखने पर जोर है, वहीं कमजोर क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं और प्रभारियों की सक्रियता बढ़ाई जा रही है।