नई दिल्ली। एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट में अवैध करार दिए गए 40 लाख लोगों को दूसरे राज्यों में प्रवेश करने से रोकने के लिए जल्द ही उनका बायोमेट्रिक डेटा बैंक बनेगा। यह कदम असम सरकार ने घुसपैठियों की अन्य राज्यों में पलायन रोकने के मकसद से उठाया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से तय हो गया है कि अब ये घुसपैठिए असम से भागकर किसी अन्य राज्य में भी शरण नहीं ले पाएंगे। क्योंकि ऐसा करने पर उनकी पहचान करना अब आसान होगा। आपको बता दें कि एनआरसी के आखिरी ड्राफ्ट में 40,07,707 लोगों को अवैध करार दिया गया है। अब उनका बायोमेट्रिक्स लिया जाएगा।