पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे। गुरुवार शाम को उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली।
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नहीं रहे। गुरुवार शाम को उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली। वाजपेयी लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते उनको जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। उनके लंबे राजनीतिक जीवन में लालकृष्ण आडवानी समेत कई ऐसे लेखक व पत्रकार रहे जिन्होंने उनके सियासी और निजी जीवन को बेहद करीबी से देखा। उनके करीबी बताते हैं कि वाजपेयी ऐसी शख्सियत थे, जो चुनाव हारने के बाद फिल्म देखने चले जाते थे। यहां तक कि वाजपेयी एक बार अमरीका गए थे तो वहां लाइन में खड़े होकर उन्होंने डिज्नीलैंड का टिकट खरीद लिया।
चलो कहीं फिल्म देखने के चलते हैं
लाल कृष्ण आडवाणी के अनुसार एक बार जब दिल्ली में नयाबांस सीट पर उपचुनाव था। बड़ी मेहनत के साथ चुनाव लड़ गया था, बावजूद इसके हमारी हार हुई। हार का दर्द इतना था कि हम दोनों बुरी तरह कसे खिन्न थे। तभी वाजपेयी बोले, चलो कहीं फिल्म देखने के चलते हैं। इसके बाद हमारे अजमेरी गेट कार्यालय के पास मौजूद पहाड़गंज में थिएटर में हमने फिल्म देखी। हालांकि तब मन में नहीं था कि फिल्म कौन सी लगी थी, लेकिन थियेटर पहुंचकर देखा तो राज कपूर साहब की ‘फिर सुबह होगी’ फिल्म थी।
आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार स्मृति स्थल में किया जाएगा। जबकि उनका समाधि स्थल यमुना के किनारे बनाया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार समारोह के मद्देनजर शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं।