राजनीति

टीएमसी के पूर्व सांसद और बांग्ला एक्टर तापस पाल का निधन, 61 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

TMC former MP Tapas Pal का निधन 61 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत Mumbai में बेटी से मिलकर Kolkata लौटते वक्त पड़ा दिल का दौरा

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टीएमसी के पूर्व सांसद तापस पाल का निधन

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) से बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) के पूर्व सांसद और बांग्ला फिल्मों ( Bangla Movie ) के मशहूर अभिनेता तापस पाल ( Tapas Pal ) का निधन हो गया है। तापस के निधन की वजह दिल का दौरा ( Heart Attack ) पड़ना बताई जा रही है।

61 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस लेने वाले तापस पाल पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे। तापस के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक तापस अपनी बेटी से मिलने मुंबई गए थे।

बेटी से मिलने के बाद जब तापस कोलकाता लौट रहे थे उसी समय मुंबई एयरपोर्ट पर ही उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें जुहू के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह करीब चार बजे उनका निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि पूर्व सांसद को हृदय संबंधी बीमारियां थीं और पिछले दो साल से लगातार उनका इलाज भी करवा रहे थे। आपको बता दें कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम कोलकाता में किया जाएगा।

राजनीतिक सफर
तापस पाल का जन्म 20 सितंबर 1958 में हुआ था। तापस का राजनीतिक सफर बहुत ज्यादा नहीं रहा। वर्ष 2014 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बंगाल के कृष्णनगर से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस चुनाव को जीत कर वे लोकसभा पहुंचे।

बतौर अभिनेता
तापस को बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। यही वजह रही कि अपनी शुरुआती शिक्षा के बाद ही 22 वर्ष की उम्र में उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। 1980 में दादा कीर्ति उनकी पहली बांग्ला डेब्यू फिल्म थी।

इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उम्दा एक्टिंग के बल पर तापस पाल ने एक के बाद एक कई मुकाम हासिल किए। तापस की साहेब (1981), प्रभात प्रिया (1981), भालोबासा-भालोबासा (1985) अनुरागेर छोआं (1986), आमार बॉन्धोन (1986) फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रही।

माधुरी दीक्षित के साथ किया काम
तापस ने बांग्ला के साथ-साथ बॉलीवुड फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। तापस की पहली हिंदी फिल्म अबोध रही जिसमें उन्होंने माधुरी दीक्षित के साथ काम किया।

13 महीने जेल में रहे
फिल्मी और राजनीतिक जगत में ऊंचाई छूने के बाद एक वक्त ऐसा भी आया जब तापस को जेल की हवा भी खानी पड़ी। वर्ष 2016 में तापस पाल को बुरे दौर का सामना करना पड़ा। रोज वैली चिट फंड स्कैम मामले में कथित तौर पर कनेक्शन के कारण सीबीआई ने एक्टर को गिरफ्तार किया। 13 महीने बाद वह जमानत पर रिहा हुए थे।

अपने पीछे इन्हें छोड़ गए
तापस पाल अपने पीछे पत्नी नंदिनी पाल, बेटी सोहिनी पाल को छोड़कर गए हैं। नंदिनी अभी बांग्ला बिग बॉस की कंटेसटेंट हैं। जबकि बेटी भी अभिनय के क्षेत्र में ही कॉरियर बनाने में जुटी हैं।

Published on:
18 Feb 2020 10:34 am
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