CM Nitish Kumar विधानसभा चुनाव में जेडीयू की जीत सुनिश्चित करने के लिए शरद यादव की पार्टी के वापसी चाहते हैं। सीएम के इशारे पर जेडीयू नेता Sharad Yadav से खराब तबीयत की आड़ में मिले थे। इससे पहले हम प्रमुख Jeetan Ram Manjhi को भी महागठबंधन से तोड़ चुके हैं नीतीश।
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 ( Bihar Assembly Election 2020 ) से पहले सियासी दलबदल खेल जारी है। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ( HAM Chief Jeetan Ram Manjhi ) के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ( Sharad yadav ) ने भी जेडीयू में अपने वापसी के संकेत दिए हैं। जानकारी के मुताबिक शरद यादव को जेडीयू ( JDU ) में शामिल करने को लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उनसे संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार की पूरी कोशिश है कि पुराने साथी और समाजवादी नेता शरद अपने घर लौट आएं।
2019 में 1 लाख वोट से हारे थे शरद
बता दें कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक जनता दल के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव 2019 में आरजेडी ( RJD ) के टिकट से मधेपुरा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। 2019 के चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था। मधेपुरा लोकसभा सीट पर उनको जेडीयू नेता दिनेशचंद्र यादव ने 1 लाख के करीब वोटों से हराया था।
तबीयत जानने के बहाने उनसे मिले जेडीयू नेता
घर वापसी का रास्ता तैयार करने के लिए जेडीयू के कई वरिष्ठ नेताओं ने हालचाल जानने के बहाने शरद यादव से बात की और एक बार फिर जेडीयू में शामिल करने को लेकर बात आगे बढ़ाई। सूत्रों की मानें तो जल्द ही शरद यादव जेडीयू में शामिल हो जाएंगे।
लालू के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव 2020 को लेकर वर्किंग मोड में आ चुके जेडीयू की कोशिश है कि शरद यादव की घर वापसी कर लें। ताकि लालू के परंपरागत वोटर्स यानी यादवों के वोट बैंक ( Vote bank ) में सेंध लगाना संभव हो सके। शरद यादव यूं तो रहने वाले एमपी के हैं लेकिन उनका बिहार की राजनीति में खासा प्रभाव रहा है।