अमित शाह ने सीटों के बंटवारे की व्यवस्था के तहत एलजेपी को 27 सीटों की पेशकश की थी। एलजेपी ने एनडीए के साथ चुनाव लड़ने के लिए 42 सीटों की मांग की थी। एलजेपी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला जेडीयू संग वैचारिक मतभेदों के चलते लिया।
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Assembly Election ) को लेकर सभी संस्पेंस को दूर करते हुए चिराग पासवान ने साफ कर दिया है लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए के तहत जनता दल यूनाइटेड ( Janta Dal United ) के साथ चुनाव नहीं लड़ेगी। एलजेपी मुखिया ने इसके पीछे जेडीयू के साथ वैचारिक मतभेदों को मुख्य वजह बताया है। इस फैसले से साफ हो गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में चिराग पासवान चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उनकी राय है कि अब बिहार की जनता नेतृत्व में परिवर्तन चाहती है।
एलजेपी और बीजेपी एक साथ
एक दिन पहले चिराग पासवान के इस फैसले के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल खालिक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर और लोकसभा चुनाव में बीजेपी और एलजेपी का मजबूत गठबंधन है। इसलिए एलजेपी बीजेपी के साथ है।
बीजेपी के साथ बनाएंगे सरकार
अब्दुल खालिक ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के तमाम जीते हुए विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ मजबूत करेंगे। साथ ही बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाएंगे। बता दें कि लोक जनशक्ति पार्टी ने रविवार को दिल्ली में पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई थी जिसमें यह फैसला लिया गया कि पार्टी ने जेडीयू के साथ चुनाव न लड़ने का फैसला लिया।
इससे पहले शनिवार को चिराग पासवान ने एक ट्विट ने इन अटकलों को बढ़ा दिया था कि लोजपा एनडीए के तहत राज्य का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी।
चिराग ने अपने ट्विट में इस बात के दिए थे संकेत
एलजेपी के मुखिया चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के ‘बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट’ दृष्टि पत्र के लिए शनिवार को एक ट्विट कर लोगों का ‘‘आशीर्वाद’’ मांगा था। चिराग पासवान ने एक बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि उनकी पार्टी के सभी उम्मीदवार प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करेंगे। अपने दृष्टि पत्र को मोदी से प्रेरित बताते हुए पासवान ने कहा था कि उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू पसंद नहीं है।
इसलिए एलजेपी ने बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला लिया है। अब पार्टी बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में 143 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है और भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। एलजेपी के इस फैसले से पहले एलजेपी को 27 सीटों की पेशकश अमित शाह ने की थी।
गौरतलब है कि बिहार में तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नंवबर और सात नवंबर को मतदान होगा। मतदान संपन्न होने के बाद 10 नवंबर को मतगणना होगी।