आम आदमी पार्टी ने बिहार चुनाव( Bihar Election ) ना लड़ने का फैसला लिया है। इसकी वजह बाढ़ और कोरोना महामारी से पैदा हालात को बताया। आप के बिहार प्रमुख सुशील कुमार सिंह ने केजरीवाल से ली मंजूरी।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह बिहार विधानसभा चुनावों ( Bihar Election ) का बहिष्कार करेगी। इसके पीछे की वजह प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी और बाढ़ के दोहरे संकट द्वारा निर्वाचन के लिए हालात को काफी जोखिम भरा होना है। बिहार में आम आदमी पार्टी के प्रमुख सुशील कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मंजूरी लेने के बाद लिया गया है।
वैसे बिहार की राजनीति में आप का बड़ा नाम नहीं है। हालांकि पार्टी ने लोगों का ध्यान तब खींचा था जब उसके कार्यकर्ता ऑक्सीमीटर लेकर बाहर निकल गए थे और लोगों का परीक्षण और एहतियात बरतने के लिए सलाह दे रहे थे कि अगर उनकी ऑक्सीजन मात्रा 95% से कम हो तो पास के अस्पताल का रुख करें।
कोरोना महामारी के बीच चुनाव कराने के फैसले पर सिंह ने कहा, "जब लोग दो वक्त के भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं और मवेशियों को चारा नहीं मिल रहा है, स्कूल बंद हैं, पूजा उत्सव पर प्रतिबंध हैं और अभी भी बहुत कम आर्थिक गतिविधि जारी हैं, चुनाव कराना और इसके लिए छह लाख सरकारी कर्मचारियों को नियुक्त करना खतरनाक मालूम होता है।"
उन्होंने आगे कहा, "क्या सरकार अपने छह लाख कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी देती है? छह लाख परिवारों का मतलब लगभग 50 लाख लोग हैं। सिंह ने कहा कि सरकार कोरोना वायरस के संदिग्ध मामलों की संख्या का आकलन कैसे कर सकती है, जो आखिरी एक घंटे में मतदान करेंगे, जबकि टेस्टिंग पर अभी भी सवालिया निशान है।"
इससे पहले आप ने तकरीबन 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी और बताया गया था कि पार्टी कुछ छोटे दलों के साथ गठबंधन करने की योजना बना रही है। हालांकि सिंह ने कहा कि मौजूदा स्थिति में पार्टी ने चुनाव ना लड़ने का फैसला किया है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में आप ने किशनगंज, भागलपुर और सीतामढ़ी की तीन सीटों पर बिना किसी सफलता के चुनाव लड़ा था। 2014 के लोकसभा चुनाव में आप ने बिहार की 40 सीटों में से 39 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कोई भी जीत नहीं मिली थी। बिहार में 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने चुनाव तो नहीं लड़ा, लेकिन भाजपा विरोधी समूह का समर्थन किया।