
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Election Results 2020 ) के नतीजों में एक बार फिर एनडीए को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। एनडीए में बीजेपी जहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तो वहीं जेडीयू के लिए परिणाम उम्मीद के मुताबिक बेहतर नहीं रहे। खास तौर पर नीतीश सरकार के पांच मंत्रियों की तो मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लेकिन तीन की हालत ज्यादा खराब है।
इन मंत्रियों की बढ़ी मुश्किल
जेडीयू के जिन मंत्रियों की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है उनमें जयशकर सिंह करीब 12 हजार वोट से पीछे चल रहे हैं, वहीं कृष्णनंदन वर्मा करीब 13 हजार मतो से पीचे हैं वहीं रामसेवक सिंह सबसे ज्यादा 14 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। इसके अलावा संतोष निराला 7 हजार और सुरेश शर्मा 2 हजार वोटों से संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।
लालू के संबंधी भी पीछे
वहीं आरजेडी से जेडीयू में आए लालू प्रसाद यादव के संबंधी चंद्रिका राय भी परसा विधानसभा सीट से पीछे चल रहे हैं। इसके साथ ही जेडीयू के जय कुमार सिंह दिनारा भी खास जादू नहीं चला पाए और प्रतिद्वंदी से पीछे चल रहे हैं।
जेडीयू ने इतने उम्मीदवारों के उतारा
चुनाव के दौरान एनडीए गठबंधन के चलते जेडीयू ने 115 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा। हालांकि इनमें 25 फीसदी टिकट नए चेहरों को दी गई थी।
दो दर्जन से ज्यादा दिग्गज मैदान में
जेडीयू के प्रत्याशियों में जहां मंत्रियों की साख दांव पर लगी हुई है वहीं दो दर्जन से ज्यादा दिग्गज भी किस्मत आजमा रहे हैं। विस अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी सहित कई दिग्गज मैदान में हैं। सरकार के मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, नरेन्द्र नारायण यादव, जयकुमार सिंह, संतोष निराला, शैलेश कुमार, रामसेवक सिंह, खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, लक्ष्मेश्वर राय, बीमा भारती, रमेश ऋषिदेव, महेश्वर हजारी, मदन सहनी मैदान में हैं। लेकिन मंत्रियों के ज्यादा मतों से पीछे रहने की खबर ने इन दिग्गजों की पेशानी पर बल ला दिए हैं।
महिलाओं पर भी जताया भरोसा
यही नहीं जेडीयू की ओर से इस बार महिला उम्मीदवारों पर भी भरोसा जताया। 24 महिला प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।