बिहार के सीएम नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मंझी ने यहां सोमवार को नीतीश के महागठबंधन में लौटने पर शर्त रख दी है।
पटना। बिहार में सियासी उठापटक का दौर जारी है। एक ओर जहां भाजपा और जेडीयू में सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है, वहीं राज्य के सीएम नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मंझी ने यहां सोमवार को नीतीश के महागठबंधन में लौटने पर शर्त रख दी है।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने दो टूक कहा है कि अगर नीतीश महागठबंधन में लौटते भी हैं, तब भी तेजस्वी यादव ही 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।
हम प्रमुख मांझी ने कहा कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद त्यागकर महागठबंधन में शामिल हो जाते हैं तो भी मुझे लगता है कि तेजस्वी प्रसाद 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में हमारे महागठबंधन के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने लोकसभा चुनाव में राजग में शमिल जद (यू) के अधिक सीटों की मांग पर कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में जद (यू) ने सिर्फ दो सीटें ही जीती थी, ऐसे में अधिक सीटों पर उसका दावा ही नहीं बनता है।
इधर, मांझी ने बिहार की विधि-व्यवस्था को भी लेकर एकबार फिर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार में अभी 'आपातकाल' से भी बदतर हालत है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं लगातार हो रही है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले कंग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा था कि नीतीश अगर राजग से बाहर आकर महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव देते हैं तो इस पर विचार किया जाएगा।