महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना से बीच बढ़ा टकराव बीजेपी मंत्री ने दिया सरकार बनाने का नया फॉर्मूला 1995 के अधार पर बनी सरकार तो इस दल को होगा फायदा
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना और बीजेपी के बीच घमासान कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खास बात यह है कि प्रदेश की ये लड़ाई अब दिल्ली पहुंच गई है। बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश में जल्द सरकार बनने की बात भी कही।
सरकार गठन की खींचतान अब महाराष्ट्र से निकलकर दिल्ली पहुंच गई है। वहीं, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने एक नया फॉर्मूला सामने रख दिया है। उनका मानना है कि अब महाराष्ट्र की सरकार इसी फॉर्मूले पर बनेगी।
दानवे ने कहा है कि बीजेपी-शिवसेना को जनादेश मिला है, हमारे बीच कोई लड़ाई नहीं है, हम बैठेंगे और मुद्दा सुलझा लेंगे। उन्होंने कहा कि 1995 के फॉर्मूले पर काम करेंगे और बीजेपी-शिवसेना की सरकार बनेगी।
यह था 1995 का फॉर्मूला
महाराष्ट्र में जिस 1995 के फॉर्मूला का हवाला बीजेपी नेता ने दिया है उसके मुताबिक ज्यादा सीटें पाने वाले दल का मुख्यमंत्री और कम सीटें पाने वाले दल का उपमुख्यमंत्री बनाया था।
यह है दोनों दलों के बीच की उलझन
विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही शिवसेना 50-50 के फार्मूले की रट लगाती आ रही है।
उसके नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शिवसेना के लिए ढाई साल के मुख्यमंत्री की मांग उठ चुकी है।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत कह रहे हैं कि इस बार सरकार का रिमोट कंट्रोल उद्धव ठाकरे के हाथ में होगा।
स्वयं उद्धव ठाकरे भी कह चुके हैं कि यदि ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पर भाजपा सहमत नहीं हुई, तो उनके पास दूसरे विकल्प भी खुले हैं।