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CJP Protest: आंदोलनकारियों के समीप आने के बाद पीएम मोदी संसद से हुए रवाना, वीडियो आया सामने

CJP Sansad March: प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसने की भी कोशिश की। इसको लेकर संसद की सुरक्षा को बढ़ा दिया है और मेन गेट को भी बंद कर दिया।
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CJP Protest

संसद से रवाना हुए पीएम मोदी (Photo-X Pti)

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक संसद भवन के करीब पहुंच गए हैं। संसद में आज से मानसून सत्र भी शुरू हो गया है। इस दौरान सदन में पीएम मोदी भी मौजूद थे। वहीं प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसने की भी कोशिश की। इसको लेकर संसद की सुरक्षा को बढ़ा दिया है और मेन गेट को भी बंद कर दिया। 

सीजेपी समर्थकों को संसद में घुसने से रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस की बस पर भी चढ़ गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों ने झड़प के दौरान पत्थर फेंके है।। जिसमें एक सब इंस्पेक्टर घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मी ने बताया कि वे बैरिकेड्स के पास तैनात थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया, जिसमें वे चोटिल हो गए।

संसद मार्च के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों को एक असली मुद्दा उठाने के लिए विरोध करना पड़ रहा है; इससे बचा जा सकता था।

संसद चलो मार्च में भाग ले रही दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा ने कहा कि पुलिस ने मार्च के दौरान उन्हें कई बार रोकने की कोशिश की। छात्रा ने कहा कि पूरे रास्ते में भारी बैरिकेडिंग थी। हमें लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी सामना करना पड़ा, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।

अभिजीत ने भूख हड़ताल की खत्म

बता दें कि इससे पहले सोमवार को अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी। वांगचुक फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद दिल्ली पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद दीपके ने उनके समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया था।

प्रदर्शनकारियों पर हल्का लाठीचार्ज

वहीं संसद की ओर बढ़ रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के चलते राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। मानसून सत्र के पहले दिन संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, पूर्व अनुमति के बिना जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। केवल जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अनुमति दी गई है।