कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी से दिया इस्तीफा सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 20 MLA ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेजा राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रियाओं को दौर हो गया शुरू
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार ( Kamal Nath Government ) से नाराज चल रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia Resignation ) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) को अपना इस्तीफा भेजा, जिसको मंजूर कर लिया गया।
वही, सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के 20 विधायकों ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया। जिसके बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के अस्तित्व पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
वहीं, सिंधिया के इस्तीफे के बाद देश की सियास गरमा गई है। राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रियाओं को दौर शुरू हो गया है।
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस फैसले को पार्टी के साथ बेइमानी बताया, वहीं भाजपा नेत्री यशोधरा सिंधिया ( Yashodhara Scindia ) ने उनके इस कदम का स्वागत किया।
यशोधरा सिंधिया ( Yashodhara Scindia ) ने ज्योतिरादित्य को बधाई देते हुए कहा कि वह उनके इस निर्णय का स्वागत करती हैं। यशोधरा ने इसको 'घर वापसी' कहा है।
उन्होंने कहा कि खुद माधवराव सिंधिया ने अपने सियासी सफर जनसंघ के साथ शुरू किया था। यशोधरा ने कहा कि ज्योतिरादित्य कांग्रेस में अनदेखी का शिकार हो रहे थे।
आपको बता दें कि यशोधरा ज्योतिरादित्य की बुआ हैं।
वहीं, पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ( Natwar Singh ) ने कहा कि मुझे आश्चर्य नहीं है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और वह भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
मुझे लगता है कि उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। उनके पिता माधवराव सिंधिया अगर रहते तो वे प्रधानमंत्री होते।