संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत भाजपा 1 लाख लोगों से मुलाकात करने का लक्ष्य रखा है।
मुंबई: भारतीय जनता पार्टी 2019 आम चुनाव से पहले संपर्क फॉर समर्थन अभियान चला रही है। इसके तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह देशभर में बड़ी हस्तियों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज अमित शाह मुंबई दौरे पर हैं। जहां वो उद्योगपति रतन टाटा, बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित से भेंट कर मोदी सरकार के चार सालों के रिपोर्ट कार्ड पेश किए। इसके बाद अमित शाह एनडीए से नाराज चल रहे सहयोगी दल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात करने उनके आवास मातोश्री पहुंचे। इस दौरान उनके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी मौजूद हैं।
मुलाकात से क्या शिवसेना और भाजपा के संबंध सुधरेंगे
उद्धव ठाकरे से अमित शाह की यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अमित शाह की मुलाकात के बाद शिवसेना की नाराजगी दूर हो जाएगी। मुलाकात से पहले शिवसेना के मुखपत्र सामना में भाजपा और मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। सामना के संपादकीय में लिखा गया है कि उपचुनाव में हार के बाद ही संपर्क अभियान की ज़रूरत क्यों पड़ी? भाजपा इस अभियान के ज़रिए सबको साथ लेकर चलना चाहती है, लेकिन सरकार और जनता के बीच संपर्क खत्म हो गया है । मुखपत्र में आगे लिखा गया है कि संपर्क बनाना, तोड़ना भाजपा का व्यापारिक गणित है।
लता मंगेशकर से नहीं हुई मुलाकात
हालांकि मशहूर गायिका लता मंगेशकर की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण अमित शाह से उनकी मुलाकात नहीं हुई। लता मंगेशकर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'आज बीजेपी के अध्यक्ष माननीय अमित शाह जी से मेरी मुलाकात होने वाली थी , लेकिन मुझे फूड पोइजनिंग होने की वजह से मैंने उनसे टेलीफोन पर बात करके मिलने में असमर्थता व्यक्त की है और अगली बार जब भी ओ मुंबई आएंगे तब उनसे मिलने का निवेदन किया है।
संपर्क फॉर समर्थन अभियान
बता दें कि भाजपा 26 मई से संपर्क फॉर समर्थन अभियान की शुरुआत की है।शुरुआत के पहले दिन राष्ट्रीय अद्यक्ष अमित शाह ने पूर्व सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप से मुलाकात कर मोदी सरकार के 4 साल की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया था। भाजपा संपर्क फॉर समर्थन अभियान के तहत 1 लाख लोगों से मुलाकात करने का लक्ष्य रखा है।