माकपा के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के एक संपादकीय में कहा गया है, 'भाजपा का सरकार गिराने का फैसला जानबूझकर राजनीतिक कदम के तहत आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया है।'
नई दिल्ली। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अगुवाई वाली सरकार को गिराने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कश्मीरियों को राष्ट्र विरोधी और आतंकियों के आश्रयदाता के तौर पर निशाना बनाएगी। माकपा के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के एक संपादकीय में कहा गया है, 'भाजपा का सरकार गिराने का फैसला जानबूझकर राजनीतिक कदम के तहत आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया है।' गौरतलब है कि हाल ही में भाजपा ने कश्मीर में पीडीपी से गठबंधन तोड़ दिया था, जिसके चलते सरकार गिर गई।
'कश्मीर मसला लोकसभा चुनाव के लिए जरूरी'
संपादकीय में कहा गया है, 'भाजपा कश्मीरियों को राष्ट्र विरोधी और आतंकियों के आश्रयदाता के तौर पर निशाना बनाने जा रही है। यह पहले ही पीडीपी की अगुवाई वाली सरकार पर आतंकवाद से निपटने में विफल रहने का आरोप लगा चुकी है।' माकपा ने कहा कि भाजपा के लिए कश्मीर का मुद्दा पूरे देश में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक मंच के लिए जरूरी है।
'सांप्रदायिक मुहिम चलाना है मकसद'
माकपा ने कहा है, 'यह एक सांप्रदायिक मुहिम चलाना चाहती है, जबकि यह लगातार आतंकवाद को दबाने और राष्ट्रीय रक्षा की बात करती है। इस तरह से इसने पीडीपी और कश्मीरी मुस्लिमों के प्रयास को नाकाम किया है, जो आतंकवाद और पाकिस्तान पर नरम रुख रखते हैं।' संपादकीय में कहा गया है कि वास्तविकता इसके विपरीत है।
'कश्मीरियों को अलग-थलग करना चाहती है भाजपा'
माकपा ने कहा है, 'कश्मीरी लोगों को पूरी तरह से अलग-थलग कर और सैकड़ों युवाओं को आतंकवाद की तरफ मोड़ कर भाजपा ने राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। सभी कहते हैं कि मोदी सरकार की कश्मीर नीति पूरी तरह से विफल रही है।'