
नई दिल्ली। हिंसा, झड़प और चुनाव आयोग की सख्ती के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में ठाकुर पुकुर से तारतला तक मार्च निकाला। गुरुवार को मार्च निकालने से पहले ममता ने एक बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग के बंगाल में तय समय से पहले चुनाव प्रचार समाप्त करने का निर्णय पर सवाल खड़े किए।
ममता ने उठाए लोकतंत्र पर सवाल
CM ममता ने कहा कि, 'क्या केवल पीएम मोदी ही मीटिंग कर सकते हैं? क्या लोकतंत्र में हमारा कोई अधिकार नहीं है? चुनाव आयोग ने हमारे चुनावी प्रचार को 24 घंटे पहले रोक दिया। ऐसे में अब हम इस हिसाब से अपनी बैठकें तय करेंगे।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर ममता बनर्जी का निशाना
इससे पहले मुख्यमंत्री बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी एक नंबर के झूठे और बेशर्म इंसान हैं। कोलकाता रोड शो में हिंसा के दौरान विद्यासागर की प्रतिमा टूटने पर ममता ने कहा कि मोदी सबूत दें कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा खंडित की है। अगर पीएम सबूत नहीं दिए तो उन्हें जेल में डाल दूंगी। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल को मोदी से भीख नहीं चाहिए। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने का आरोप टीएमसी कार्यकर्ताओं पर लगाया था। उत्तर प्रदेश के चंदोली में पीएम ने कहा कि ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति टूटी है तो हम उसे फिर से स्थापित करेंगे।