राजनीति

न्यायपालिका के आंतरिक मामलों पर राजनीति कर रही कांग्रेस: संबित पात्रा

चार जजों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर आरोप लगाने के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों आमने सामने आ गई हैं।
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नई दिल्ली। चार जजों द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर आरोप लगाने के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों आमने सामने आ गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी की ओर से संबित पात्रा ने राहुल को जवाब दिया। पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि न्यायपालिका को सड़क पर लाकर राजनीति करना उचित नहीं है। बीजेपी ने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय का आंतरिक मामला है, ऐसे गंभीर मामले में बयान देकर कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए। मुझे आश्चर्य और दुखी है कि कांग्रेस इस मामले का राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रही ।

कांग्रेस से उठाए सवाल

इससे कुछ ही देर पहले राहुल ने कहा कि जजों ने जो भी सवाल उठाए हैं, उन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इस अभूतपूर्व घटनाक्रम को लोकतंत्र पर खतरे के रूप में बताते हुए राहुल गांधी ने जजों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीर बताया और कहा कि देश में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष ने जस्टिस लोया की मौत की जांच के मुद्दे पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि शीर्ष स्तर के जजों को इसकी जांच करनी चाहिए। राहुल गांधी ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई है कि न्यायपालिका अपनी विश्वसनीयता बनाए रखेगी।

चार जजों ने चीफ जस्टिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
बता दें कि जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर ने जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के साथ सुबह अपने तुगलक रोड स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चीफ जस्टिस कुछ खास मामलों को चुनिंदा जजों को सौंपते हैं। ये चुनिंदा जज चीफ जस्टिस के प्रिय होते हैं।

चीफ जस्टिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सभी जज बराबर हैं और केस का बंटवारा स्वतंत्र रूप से किया जाता है।

सरकार ने इसे न्यायपालिका का अंदरूनी मामला बताया
इस मुद्दे पर सरकार ने न्यापालिका का अंदरूनी मामला बताते हुए फिलहाल अपना कोई रूख स्पष्ट नहीं किया है और उसने अन्य राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने को कहा है। लोगों का मानना है कि सरकार चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के रूख के आधार पर ही सियासी गुणा-गणित करेगी।

Updated on:
12 Jan 2018 10:04 pm
Published on:
12 Jan 2018 08:36 pm
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