6 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ शिवसेना के दो बड़े दांव, 4 महीने बाद नासिक का जवाब पुणे में देगी शिंदे सेना?

Maharashtra MLC Election: पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के भीतर मतभेद सामने आए हैं। शिवसेना ने मंगेश चिवटे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने कौस्तुभ गावडे को मैदान में उतारा है। डॉ. सचिन सानप भी बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
2 min read
Google source verification

मुंबई

•

image

Dinesh Dubey

•

Oct 06, 2026

Maharashtra Legislative Council election

सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Photo: IANS/File)

Pune Teachers Constituency: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के पुणे शिक्षक और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले महायुति में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। शिवसेना (एकनाथ शिंदे) ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मंगेश चिवटे को उम्मीदवार घोषित किया है। चिवटे मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं। ऐसे में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच सीधे मुकाबले की स्थिति बनती नजर आ रही है।

बीजेपी ने इस सीट से कौस्तुभ गावडे को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। वहीं, शिवसेना की ओर से मंगेश चिवटे की उम्मीदवारी घोषित किए जाने के बाद महायुति के दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच चुनावी मैदान में ही मुकाबला होने की संभावना बढ़ गई है।

सचिन सानप पहले ही दाखिल कर चुके हैं नामांकन

इस चुनाव में एक और नाम चर्चा में है। उद्योग मंत्री उदय सामंत के विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. सचिन सानप ने पहले ही बागी उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।

ऐसे में यदि मंगेश चिवटे अपनी उम्मीदवारी बरकरार रखते हैं तो बीजेपी के कौस्तुभ गावडे, शिवसेना के मंगेश चिवटे और डॉ. सचिन सानप के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। इससे महायुति के मतों के विभाजन की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे के बाद बढ़ी हलचल

बीजेपी की ओर से कौस्तुभ गावडे को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद एकनाथ शिंदे के नाराज होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में है। इसी बीच शिंदे के दिल्ली दौरे ने भी इस मामले को लेकर अटकलों को और बढ़ा दिया। शिंदे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली।

पीएम मोदी से शिंदे की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद सीट के चुनाव को लेकर महायुति के सहयोगी दल शिवसेना और भाजपा (BJP) के बीच खींचतान चल रही है। दोनों दलों ने इस सीट के लिए अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। हालांकि, चिवटे की उम्मीदवारी बनी रहती है या वह नामांकन के बाद पीछे हटते हैं, यह 9 अक्टूबर तक स्पष्ट होगा।

क्या पुणे में दोहराया जाएगा 'नासिक पैटर्न'?

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम की तुलना पिछले विधान परिषद चुनाव के 'नासिक पैटर्न' से भी की जा रही है। पिछले चुनाव में नासिक स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के बागी उम्मीदवार गोकुल गिते ने महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हराया था। उस चुनाव में महायुति के भीतर मतों के विभाजन का मुद्दा सामने आया था।

अब पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे के सामने शिवसेना के मंगेश चिवटे के उतरने से इसी तरह के समीकरण बनने की चर्चा है।

चिवटे मैदान में रहे तो बीजेपी-शिवसेना आमने-सामने

यदि मंगेश चिवटे अपनी उम्मीदवारी कायम रखते हैं, तो पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। वहीं, अगर महायुति के भीतर समझौता होता है और चिवटे पीछे हटते हैं, लेकिन डॉ. सचिन सानप चुनाव मैदान में बने रहते हैं, तो मुकाबले के समीकरण अलग हो सकते हैं। सानप को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें शिवसेना का एक धड़ा अंदरखाने से अप्रत्यक्ष समर्थन दे रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि मंगेश चिवटे नामांकन दाखिल करने के बाद अपनी उम्मीदवारी कायम रखते हैं या महायुति के भीतर किसी समझौते का रास्ता निकलता है। इससे पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ होगी।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग