इससे पहले यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आवास पर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की अध्‍यक्षता की। इस दौरान उन्‍होंने पार्टी के सभी सांसदों को अविश्‍वास प्रस्‍ताव के पक्ष में मतदान करने को कहा।
नई दिल्ली: मानसून सत्र में कल होने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर सियासी हलचलें तेज है। कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों से तीन स्तर का व्हिप जारी किया है। पार्टी ने सभी सांसदों से लोकसभा में रहने का निर्देश जारी किया है। गौरतलब है कि मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव इंदिरा गांधी की सरकार में सबसे ज्यादा बार लाया गया था। 15 बार इंदिरा गांधी की सरकार में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। मोदी सरकार के खिलाफ टीडीपी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ रही है। इससे पहले गुरुवार की सुबह यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आवास पर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने पार्टी के सभी सांसदों को अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने को कहा। साथ ही उन्होंने विपक्षी एकता पर बल देते हुए पार्टी के सांसदों से विपक्ष के सांसदों से तालमेल बिठाने को भी कहा है। ताकि मोदी सरकार को मात देना संभव हो सके।
विपक्षी एकता को शिवसेना का झटका
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेता इस बार उम्मीद लगाए बैठे थे कि लंबे अरसे से पीएम मोदी सरकार की नीतियों से नाराज शिवसेना अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करेगी। लेकिन शिवसेना ने विपक्षी एकता को झटका देते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान करने का निर्णय लिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि लोकतंत्र में सभी की आवाज सुनी जानी चाहिए, पर सच का साथ भी नहीं छोड़ना चाहिए। इस बीच केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने सोनिया गांधी पर हमला करते हुए कहा कि सोनिया जी की गणित कमजोर है। उन्होंने 1996 में भी ऐसा ही कैलकुलेशन किया था। हम जानते हैं कि तब क्या हुआ था। उनकी गणित इस बार भी गलत साबित होगी।
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में ये दल
टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव को विपक्ष के सासंदों का समर्थन हासिल हैं। अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले दलों में कांग्रेस , सपा, बसपा, आरजेडी, एनसीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कांफ्रेंस, सोशलिस्ट जनता, इंडियन यूनियन मुस्लिम,केरल कांग्रेस, टीएमसी, वाम दल और में तेलुगु देशम पार्टी शामिल है। टीएमसी और टीडीपी ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डालने के लिए व्हिप जारी कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने टीडीपी को समर्थन देने की घोषणा की है। आपको बता दें कि टीडीपी के एक सांसद जेसी दिवाकर रेड्डी ने मतदान में शामिल नहीं होने की घोषणा की है।
विपक्ष में अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में सत्ताधारी भाजपा, शिवसेना, डीएमडीके, अकाली दल, एमडीएमके, लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, अपना दल, रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया, नेशनल पीपल्स पार्टी शामिल है। बीजेउी ने अभी तय नहीं किया है कि उसे मोदी सरकार के पक्ष में मतदान करना है या विपक्ष में।