
सोनिया गांधी और देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान का समर्थन किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले से दिए भाषण में नक्सलवाद को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिल्कुल सही बात कही है। उन्होंने दावा किया कि हथियारबंद नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है, लेकिन अराजकता फैलाने वाली विचारधारा अब भी दिखाई देती है।
फडणवीस ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री की बात का उदाहरण स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के कार्यक्रम में भी देखने को मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक दायरे में लिए गए फैसलों का विरोध करना भी एक तरह की अराजक मानसिकता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने का संकल्प लिया था और आज नक्सलवाद अंतिम चरण में पहुंच गया है। हालांकि, उन्होंने इस चुनौती को कमतर आंकने के प्रति आगाह किया।
मोदी ने कहा कि जंगलों में ‘हथियारी नक्सल’ के खिलाफ सफलता हासिल हुई है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अब भी मौके की तलाश में हैं। ऐसे तत्व हिंसा और अराजकता के नए रास्ते तलाश सकते हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।
फडणवीस ने प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बंदूक वाला नक्सलवाद खत्म हो गया है, लेकिन उससे भी खतरनाक स्थिति तब होती है जब लोगों के भीतर अराजकता की मानसिकता दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के मन में अराजकता भरी हुई है और इसी को ‘दिमागी नक्सलवाद’ कहा जा सकता है। फडणवीस ने दावा किया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के एक कार्यक्रम में भी इसका उदाहरण देखने को मिला।
फडणवीस ने कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर उठे विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाने का फैसला संवैधानिक शक्तियों के दायरे में लिया गया था।
भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने पार्टी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
इसी संदर्भ में फडणवीस ने कहा कि यदि यह खबर सही है कि सोनिया गांधी इसलिए नाराज थीं क्योंकि पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया गया, तो इसे अराजकता से भरे दिमाग वाले लोगों का ‘दिमागी नक्सलवाद’ ही माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई फैसला संवैधानिक दायरे में लिया गया है तो उसका इस तरह विरोध करना संवैधानिक सत्ता का अपमान है।
Updated on:
15 Aug 2026 08:20 pm
Published on:
15 Aug 2026 08:05 pm
