
नई दिल्ली। सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) को कांग्रेस का फिर से अंतरिम अध्यक्ष ( Sonia Gandhi interim Congress president ) चुने जाने के बाद भी पार्टी में उथल-पुथल का दौर जा रही है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ( Congress Leader Ghulam Nabi Azad ) का चौंकाने वाला बयान आया है। कांग्रेस नेता आजाद ( Ghulam Nabi Azad ) ने गुरुवार को इस बात पर बल दिया कि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का नए सिरे से चुनाव होना चाहिए। आपको बता दें कि अभी हाल ही में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया था। हालांकि यह बैठक कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर थी। आजाद का बयान CWC की बैठक के बाद आया है।
कांग्रेस कार्य समिति का चुनाव होना चाहिए
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा कि जो कोई भी कांग्रेस के आंतरिक कामकाज में वास्तविक रुचि रखता है, वो हमारे इस प्रस्ताव का खुशी खुशी स्वागत करेगा। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हर राज्य और जिले का अध्यक्ष निर्वाचित होना चाहिए। आजाद यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस कार्य समिति का चुनाव होना चाहिए।" इसके साथ ही आजाद ने यह भी कहा कि उनकी मंशा कांग्रेस को मजबूत करने की थी। उन्होंने कहा कि वह पिछले 34 सालों से कांग्रेस वर्किंग कमेटी में हैं। जिनको कोई भी जानकारी नहीं है और नियुक्ति वाला पेपर मिल गया है वो सब खिलाफत करते हैं, वो सब बाहर जाएंगे।"
कांग्रेस में इस पत्र को लेकर लेकर बड़ा घमासान मच गया था
आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी समेत 23 बड़े नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इस पत्र में इन कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के संगठन में व्यापक बदलाव, सामूहिक नेतृत्व और पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग की थी। कांग्रेस में इस पत्र को लेकर लेकर बड़ा घमासान मच गया था। इसके बाद सोमवार को बुलाई गई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक करीब सात घंटे तक चलती रही। इस मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी से पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बने रहने का अनुरोध किया। इसके साथ ही सोनिया गांधी को जरूरी संगठनात्मक बदलाव के लिए अधिकृत किया गया।