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Bengal News: कौन हैं रिपन शेख और संजीव मंडल? बीजेपी नेता नड्डा के काफिला हमला में हुई गिरफ्तारी, जानें क्या-क्या लगे आरोप

Nadda Convoy Attack TMC Arrest: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में TMC के दो नेताओं को छह साल पुराने बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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भारत

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Ashib Khan

Sep 21, 2026

Nadda convoy attack TMC arrest

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (फोटो सोर्स- IANS)

TMC Lleaders Arrested JP Nadda Convoy Attack: पश्चिम बंगाल पुलिस ने दिसंबर 2020 में तत्कालीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में दक्षिण 24 परगना जिले से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है। सोमवार को इसकी अधिकारियों ने पुष्टि की है। 

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर सब-डिविजन के अंतर्गत मगराहाट पश्चिम इलाके से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से आग्नेयास्त्र भी बरामद किए गए हैं। रिपन शेख और संजीव मंडल के रूप में दोनों की पुष्टि हुई है।

असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं नेता

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इलाके में प्रभावशाली TMC नेताओं के तौर पर जाने जाते हैं। अधिकारी के अनुसार, दोनों लंबे समय से कथित तौर पर विभिन्न असामाजिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। उन पर बाइक गैंग के जरिए इलाके में उपद्रव करने के भी आरोप लगे हैं।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों आरोपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले में भी कथित तौर पर शामिल थे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले में दोनों की क्या भूमिका थी।

अधिकारी ने बताया कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके पास हथियार कहां से आया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

दिसंबर 2020 में दो जगह हुआ था हमला

बता दें कि 10 दिसंबर 2020 को जेपी नड्डा के काफिले पर दक्षिण 24 परगना जिले में दो बार हमला हुआ था। उस समय नड्डा डायमंड हार्बर में एक बैठक के लिए जा रहे थे।

रास्ते में उनके काफिले को पहले उस्ती के सिराकोल और फिर फलता के दोस्तीपुर इलाके में निशाना बनाया गया था। दोनों स्थान डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में आते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व उस समय TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी करते थे।

हमले में नड्डा की कार को नुकसान पहुंचा था और कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद उस्ती थाने की पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था।

उस समय नड्डा के साथ प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार भी मौजूद थे। दिलीप घोष वर्तमान में पश्चिम बंगाल के पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास मंत्री हैं, जबकि सुकांत मजूमदार केंद्र सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री हैं।

हमले के बाद बढ़ा था BJP-TMC टकराव

जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ TMC नेताओं, जिनमें डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी भी शामिल थे, की कथित उकसावे वाली राजनीति के कारण हमला हुआ।

वहीं, TMC ने इन आरोपों को लेकर बीजेपी पर पलटवार किया था। घटना को लेकर बीजेपी और TMC के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। हमले के दौरान मौके पर पुलिस की भूमिका को लेकर भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।

पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के पास से बरामद हथियार के स्रोत और इस मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है।