राजनीति

मंदी पर कांग्रेस के निशाने पर PM मोदी- गलत फैसलों ने उड़ा दी अर्थव्यवस्था की धज्जियां

नीति आयोग के बयान के बाद कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा पिछले 70 साल में अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र की खराब हालत
2 min read
Aug 23, 2019
d1.png

नई दिल्ली। देश में आर्थिक मंदी को लेकर आए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के बयान के बाद कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर हो गई है।

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने स्वीकारा है कि वित्तीय क्षेत्र में मंदी पहली बार है।

पिछले 70 साल में ऐसे हालात कभी नहीं हुए। अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र की खराब हालत है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में लोगों की नौकरियां गई हैं। चाय उद्योग में भी मार पड़ी है। पार्ले जी ने 10000 लोगों को निकाल दिया। रुपये डॉलर के मुक़ाबले कमजोर हुआ है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की दर 5.7, फीसदी गिर गई। इतनी गिरावट कभी नहीं हुई। ऑटो सेक्टर में 3 लाख 50 हजार लोगों की नौकरी गई। मारुति ने प्रोडक्शन कम किया है।

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए तिवारी ने कहा कि नोटबन्दी और बिना सोचे समझे जीएसटी लागू करने के फैसले से अर्थव्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी है।

कांग्रेस ने किया कटाक्ष करते हुए कहा कि देश मे मंदी के लिए भी मोदी सरकार पंडित नेहरू को जिम्मेदार ठहरा सकती है।

जिस वित्त मंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से चलाया उसे सरकार झूठे मामलों में फंसा रही है। इससे बड़ी विडंबना कोई नहीं हो सकती।

Updated on:
23 Aug 2019 10:19 pm
Published on:
23 Aug 2019 03:32 pm
Also Read
View All
ममता बनर्जी की कार पर हुए हमले पर बीजेपी की आई प्रतिक्रिया, समिक भट्टाचार्य बोले- पत्थर-चप्पल फेंकने से हमारा कोई लेना-देना नहीं

परिसीमन बिल पर गरमाई सियासत: PM मोदी से मिलेंगे शरद गुट के 8 सांसद, रोहित पवार ने कहा- 17 अगस्त तक बहुत कुछ बदल जाएगा

FCRA Bill 2026: क्या है पूरा मामला? इन प्रावधानों पर क्यों मचा बवाल, विपक्ष क्यों कर रहा विरोध

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: अमित शाह ने सुनेत्रा पवार से नहीं की मुलाकात, ‘पीके’ के कारण भाजपा और NCP में आई दरार?

Punjab Election: कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह की वापसी से क्या बढ़ेगी मुश्किल? 2027 से पहले पार्टी के सामने बड़ी चुनौती