
नई दिल्ली। कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उठाफटक जारी है। अभी तक दोनों ही पार्टियां यह तय नहीं कर पाई है कि कौन सा विभाग किसके पास रहेगा। लेकिन, इसी बीच खबर यह आ रही है कि आखिरकार जेडीएस के आगे कांग्रेस झुक गई है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने जेडीएस की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के पास रहने की संभावना प्रबल हो गई है।
कांग्रेस और जेडीएस में बन गई बात!
दरअसल, जेडीएस और कांग्रेस के बीच विवाद की जड़ असली जड़ वित्त मंत्रालय है। जिसे दोनों ही पार्टियां अपने पास रखना चाहती है। लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने वित्तमंत्रालय का पद कुमारस्वामी को देने पर हामी भर दी है। बस अब इसकी औपचारिक घोषणा होना बाकी है। इतना ही नहीं माना जा रहा है कि जेडीएस की इस जीत के पीछे कुमारस्वामी के पिता एच डी देवेगौड़ा का चतुराई भरा मार्गदर्शन था। एक हफ्ते पहले मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले कुमारस्वामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि उनके पिता कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
ज्लद हो जाएगा विभागों के बटवारे पर फैसला
इससे पहले कर्नटाक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस और जेडीएस के बीच कैबिनेट विस्तार और मंत्रालयों के बटवारे को लेकर जल्द ही असमंजस दूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दो दलों की गठबंधन सरकार है। जेडीएस के लिए 12 मंत्रालय और कांग्रेस लिए 22 मंत्रालय का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि हमलोग मंत्रालय का बटवारा भी इस तरह साझा करे लेंगे। इसमें कोई भ्रम नहीं है।
गौरतलब है कि विगत 23 मई को शपथ ग्रहण के दो दिन बाद मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने 25 मई को विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान विश्वासमत हासिल कर लिया था। लेकिन, कैबिनेट विस्तार और मंत्रालय के आवंटन पर दोनों पक्षों के बीच अब तक बातचीत जारी है। सू्त्रों का यह भी कहना था कि बैठक में कांग्रेस को यह भी दिलाया गया कि बिना शर्त पांच साल तक कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने का वादा किया है।