आरजेडी प्रवक्‍ता मनोज झा ने आरोप लगाया कि जब विरोधी उन्‍हें राजनीतिक रूप से हरा नहीं पाए तो अब उनके स्‍वास्‍थ्‍य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
नई दिल्ली। सोमवार को एम्स से छुट्टी मिलने के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव राजधानी एक्सप्रेस से रांची रिम्स के लिए रवाना हुए थे। कुछ ही घंटों के सफर के बाद रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सूचना मिलने के बाद कानपुर रेलवे स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। जांच में उनका शूगर लेवल बढ़ा पाया। वहां पर उन्हें इंसुलिन का इंजेक्शन दिया गया। कानपुर स्टेशन पर ट्रेन करीब 11 मिनट तक रुकी रही। स्वास्थ्य जांच के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
लालू को जान से मारने की साजिश
रेलवे के विशेष निर्देश पर रांची तक सभी प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेन रोक कर लालू के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। रांची पहुंचने के बाद लालू यादव को सीधे रिम्स में भर्ती कराया जाएगा। जहां उनका इलाज चलेगा। उनके पुत्र तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सवाल किया कि लालू जी को वापस रांची भेजने के लिए एम्स प्रशासन पर किसने दबाव बनाया है? राजद प्रवक्ता मनोज झा ने इसे सरकार की साजिश करार दिया। उन्होंने बताया कि जब उनके खिलाफ विरोधी राजनीतिक लड़ाई नहीं जीत पाए तो अब उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
एम्स ने बताया था फिट
इससे पहले एम्स मेडिकल बोर्ड दिल्ली ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के स्वास्थ्य में सुधार बताते हुए उन्हें रिम्स रांची में जाकर उपचार कराने के लिए फिट बताया था। जबकि लालू ने एम्स के फैसले के पीछे राजनीतिक साजिश होने का आरोप लगाया था। एम्स निदेशक को पत्र लिख कर लालू ने आग्रह किया है कि रिम्स में किडनी के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसलिए उनको वहां नहीं भेजा जाए। पूरी तरह स्वस्थ होने तक यहां उपचार चलते रहने दिया जाए। आपको बता दें कि चारा घोटाले के कई मामलों में सजा काट रहे लालू किडनी व अन्य बीमारियों के कारण एम्स में इलाज करा रहे थे। बीमार होने पर जेल में बंद लालू को रांची मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके बाद उन्हें एम्स रेफर किया गया था। 29 मार्च से वे यहां भर्ती थे।
भेजने का फैसला एम्स मेडिकल बोर्ड का
एम्स के प्रवक्ता ने बताया कि लालू यादव की सेहत में व्यापक सुधार के बाद शनिवार को ही यहां से छुट्टी दे दी गई थी। लालू ने खुद सोमवार को रांची जाने की इच्छा व्यक्त की थी और दो दिन एम्स में ही रहने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। मेडिकल बोर्ड की सलाह पर उन्हें लंबे समय तक चलने वाले उपचार के लिए रिम्स रांची भेजने का निर्णय लिया गया। एम्स प्रशासन ने बताया था कि उनकी हालत स्थिर है और वह यात्रा करने के लिए फिट हैं। हालांकि सोमवार को लालू ने अपने पत्र में कहा है कि मुझे एम्स में अच्छे इलाज के लिए भेजा गया था। अभी मेरी तबीयत ठीक नहीं हुई है। मैं हृदयरोग, किडनी इंफेक्शन, शुगर व अन्य बीमारियों से पीड़ित हूं। यदि एम्स से रांची मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है और इससे मेरे जीवन पर कोई खतरा उत्पन्न होता है, तो इसकी जवाबदेही आप लोगों की होगी।