कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच इस संबंध में मंथन भी हुआ है। रविशंकर प्रसाद ने खुद इस बात की जानकारी दी है।
नई दिल्ली। आधार कार्ड से मोबाइल नंबर को लिंक करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से लगे झटके के बाद अब केंद्र सरकार एक और कदम उठाने जा रही है। आधार की कानूनी वैधताओं पर उठे सवालों के बीच अब ड्राइविंग लाइसेंस को भी लिंक करने की तैयारी चल रही है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के बीच इस संबंध में मंथन भी हुआ है। रविशंकर प्रसाद ने खुद इस बात की जानकारी दी है।
...ये होंगे फायदे
ड्राइविंग लाइसेंस को आधार के साथ जोड़ने से फर्जी लाइसेंस पर रोक के साथ-साथ कई फायदे होंगे। रविशंकर प्रसाद के मुताबिक,
- सड़क हादसों के बाद भागने वाले दोषियों को पकड़ना आसान हो जाएगा।
- शराब के नशे में गाड़ी चलाकर भागने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
- कोई भी अपना नाम बदल सकता है लेकिन फिंगरप्रिंट नहीं बदल सकता।
- पुलिस के लिए कार्रवाई करना आसान होगा।
आधार की वैधता को मिली है चुनौती
गौरतलब है कि सरकार लगातार सभी योजनाओं और दस्तावेजों को आधार कार्ड से लिंक करने की कोशिश कर रही है। लेकिन आधार की कानूनी वैधता को चुनौती देने के लिए भी कई याचिकाएं दायर की गई हैं। इन मामलों में सुनवाई जारी है। इससे पहले बैंक खातों, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर, बीमा पॉलिसी समेत कई दस्तावेजों को आधार से जोड़ने की पहल की जा चुकी है। हालांकि मोबाइल से आधार लिंकिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि उसके फैसले का गलत मतलब निकाला गया।