हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर आज दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जेजेपी ने गठबंधन की सरकार बनाने का फैसला किया है रविवार को दुष्यंत के पिता अजय चौटाला को तिहाड़ जेल से बाहर आ गए
नई दिल्ली। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर आज दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ ही जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला भी उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आपको बता दें कि हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जेजेपी ने गठबंधन की सरकार बनाने का फैसला किया है। वहीं, हरियाणा में भाजपा को समर्थन देकर सरकार बनाने में मदद की दुष्यंत चौटाला की घोषणा के बाद रविवार को दुष्यंत के पिता अजय चौटाला को तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं। अजय चौटाला को दो हफ्ते की छुट्टी मिली है।
वह शिक्षक भर्ती घोटाले में दोषी होने की सजा काट रहे हैं। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने आईएएनएस से कहा कि हमने दोषी अजय चौटाला को दो हफ्ते की फर्लो दी है। उन्होंने कुछ कुछ दिन पहले ही छुट्टी के लिए आवेदन किया था। वह अपनी मां के निधन की याद में होने वाले कर्मकांड में शामिल होने के लिए जाना चाहते हैं।
गोयल ने आगे कहा कि अजय चौटाला ने छुट्टी के लिए दूसरी बार अर्जी दी है। इससे पहले तीन हफ्ते के लिए वह छुट्टी पर गए थे। एक साल में एक दोषी को नियम के मुताबिक, सात बार छुट्टी दी जा सकती है। आवेदक को छुट्टी देनी है या नहीं, इसका अंतिम फैसला जेल महानिदेशक करता है। खबरों के अनुसार, अजय चौटाला अपने बेटे दुष्यंत चौटाला के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना चाहते हैं। दुष्यंत हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हुए हैं।
दुष्यंत के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हरियाणा में नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन किया है। 90 सीटों वाली विधानसभा में दुष्यंत की पार्टी जजपा के 10 विधायक हैं। पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर तय किया है कि मुख्यमंत्री भाजपा का होगा, लेकिन जजपा को उप-मुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जजपा के नेता दुष्यंत चौटाला के साथ शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर इस गठबंधन की घोषणा की थी।
फरवरी, 2013 में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और उनके विधायक पुत्र अजय चौटाला को तीन अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ जाली दस्तावेजों का उपयोग करके राज्य में तीन हजार से अधिक शिक्षकों की अवैध रूप से भर्ती करने के आरोप में सीबीआई की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई थी।